फिर गलतफहमियो में पड़ गया ये दिल.. वो तेरा जाते वक़्त मुस्कुराना जरुरी था क्या...

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अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो

जो कदर नहीं करता उसके लिए तुम रोते हो, जो तुम्हरी कदर करता है तुम रुलाते हो

जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.

जब लोग बदल सकते हैं तो किस्मत क्या चीज है | |

कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .

उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं

अकेली रात बोलती बहुत है लेकिन सुन वही सकता है जो खुद भी अकेला हो

जो कदर नहीं करता उसके लिए तुम रोते हो, जो तुम्हरी कदर करता है तुम रुलाते हो

जिनसे दूर नहीं रह पाते, उन्हें से से दूर हो जाते हैं.

जब लोग बदल सकते हैं तो किस्मत क्या चीज है | |

कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .

उसके बदलने का कोई दुःख नहीं, बस अपने ऐतबार पर शर्मिंदा हूं