'कोशिश' आखरी सांस तक करनी चाहिए या तो 'लक्ष्य' हासिल होगा या 'अनुभव'

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लोग कहते है तुम इतना खुश कैसे रहते हो..हमने कहाँ हम किसी को खुश देखकर जलते नही और अपना दुख किसी को बताते नही

खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है

इंसान का व्यक्तित्व तब ही उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है

एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता

मूर्खो से तारीफ सुनने से बुध्दिमान की डाँट सुनना ज्यादा बेहतर हैं

यदि आपका लक्ष्य आपको सुबह उठे के लिए मजबूर नही करता, तो यकीन मानिए आपका लक्ष्य बहुत छोटा है

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इंसान का व्यक्तित्व तब ही उभर के आता है जब वो अपनो से ठोकर खाता है

एक "अच्छी" शुरुआत के लिए... कोई भी दिन "बुरा" नही होता

मूर्खो से तारीफ सुनने से बुध्दिमान की डाँट सुनना ज्यादा बेहतर हैं

यदि आपका लक्ष्य आपको सुबह उठे के लिए मजबूर नही करता, तो यकीन मानिए आपका लक्ष्य बहुत छोटा है