खोई हुई दौलत, भुली हुइ विद्या और खोया हुआ स्वस्थ फिर भी लौट सकता है, पर खोया हुआ समय कभी लौट नहीं सकता||

खोई हुई दौलत, भुली हुइ विद्या और खोया हुआ स्वस्थ फिर भी लौट सकता है, पर खोया हुआ समय कभी लौट नहीं सकता||

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विद्वान सब जगह सम्माननीय होता है. अपने उच्च गुणों के कारण देश-विदेश सभी जगह वह पूजनीय होता है .

दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।

खुद मेँ झाँकने के लिए जिगर चाहिए दूसरों की शिनाख्त में तो हर शख़्स माहिर है

उन पर ध्यान मत दीजिये जो आपकी पीठ पीछे बात करते है , इसका सीधा अर्थ है कि आप उनसे दो कदम आगे है।

वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है

हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं

विद्वान सब जगह सम्माननीय होता है. अपने उच्च गुणों के कारण देश-विदेश सभी जगह वह पूजनीय होता है .

दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।

खुद मेँ झाँकने के लिए जिगर चाहिए दूसरों की शिनाख्त में तो हर शख़्स माहिर है

उन पर ध्यान मत दीजिये जो आपकी पीठ पीछे बात करते है , इसका सीधा अर्थ है कि आप उनसे दो कदम आगे है।

वक़्त का खाश होना जरूरी नही खाश के लिए वक़्त होना जरूरी है

हम जो सोचते हैं, वो बन जाते हैं