याद रखना, सपना तुम्हारे है, तो पूरा भी तुम ही करोगे .! न ही हालात तुम्हारे हिसाब से होंगे और न लोग
कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयम से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा. और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें,तभी आगे बढें
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है
अकेलापन सदैव आपका एक महत्पूर्ण व्यक्ति से परिचय करवाएगा और व्यक्ति है.. स्वयं आप
सबसे बड़ी रिस्क तब रहती है जब हमें पता नही रहता कि हम क्या कर रहे है
तन की जाने मन की जाने जाने चित्त की चोरी उस मालिक से क्या छुपावे जिसके हाथ है सब की डोर
याद रखना, सपना तुम्हारे है, तो पूरा भी तुम ही करोगे .! न ही हालात तुम्हारे हिसाब से होंगे और न लोग
कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयम से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा. और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें,तभी आगे बढें
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है
अकेलापन सदैव आपका एक महत्पूर्ण व्यक्ति से परिचय करवाएगा और व्यक्ति है.. स्वयं आप
सबसे बड़ी रिस्क तब रहती है जब हमें पता नही रहता कि हम क्या कर रहे है
तन की जाने मन की जाने जाने चित्त की चोरी उस मालिक से क्या छुपावे जिसके हाथ है सब की डोर