जो पानी से नाहाएगा वो सिर्फ लिबास बदल सकता है लेकिन जो पसीने से नहाएगा वो इतिहास बदल सकता है|

जो पानी से नाहाएगा वो सिर्फ लिबास बदल सकता है लेकिन जो पसीने से नहाएगा वो इतिहास बदल सकता है|

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आँखे भी खोलनी पड़ती है उजाले के लिए, केवल सूरज के निकलने से ही अँधेरा नही जाता

राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है, जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बनकर वही निकलता है।

प्रॉब्लम उतनी पॉवरफुल नही जितना हम उन्हें मान लेते है, कभी सुना है क्या अंधेरे ने सुबह नही होने दी

अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.

दूसरों की गलती से भी सीखा करो, खुद की गलती से सीखने चलोगे तो सफलता जल्दी नहीं मिलेगी

जीवन वो फूल है, जिसमें कांटे तो बहुत है, मगर सौन्दर्य की भी कोई कमी नहीं

आँखे भी खोलनी पड़ती है उजाले के लिए, केवल सूरज के निकलने से ही अँधेरा नही जाता

राह संघर्ष की जो चलता है, वो ही संसार को बदलता है, जिसने रातों से जंग जीती है, सूर्य बनकर वही निकलता है।

प्रॉब्लम उतनी पॉवरफुल नही जितना हम उन्हें मान लेते है, कभी सुना है क्या अंधेरे ने सुबह नही होने दी

अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.

दूसरों की गलती से भी सीखा करो, खुद की गलती से सीखने चलोगे तो सफलता जल्दी नहीं मिलेगी

जीवन वो फूल है, जिसमें कांटे तो बहुत है, मगर सौन्दर्य की भी कोई कमी नहीं