यदि तुम वह चाहते हो जो तुम्हारे पास नही है, तो तुम्हे वह करना होगा जो आज तक नही किया
झूठ बोल कर कुछ पाने से अच्छा है सच बोलकर उसे खो दो
दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये
दुष्टों से दुष्टता करने में कोई दोष नहीं है.
ज्ञान से बढ़कर कोई दूसरा गुरु नहीं, काम-वासना के समान कोई दूसरा रोग नहीं, क्रोध के समान कोई आग नहीं और अज्ञानता के जैसा शत्रु कोई नहीं.
सफ़लता का सीधा संबंध परिश्रम से है, जो व्यक्ति परिश्रम से डरता है, वह कभी सफ़लता नहीं पा सकता।
यदि तुम वह चाहते हो जो तुम्हारे पास नही है, तो तुम्हे वह करना होगा जो आज तक नही किया
झूठ बोल कर कुछ पाने से अच्छा है सच बोलकर उसे खो दो
दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये
दुष्टों से दुष्टता करने में कोई दोष नहीं है.
ज्ञान से बढ़कर कोई दूसरा गुरु नहीं, काम-वासना के समान कोई दूसरा रोग नहीं, क्रोध के समान कोई आग नहीं और अज्ञानता के जैसा शत्रु कोई नहीं.
सफ़लता का सीधा संबंध परिश्रम से है, जो व्यक्ति परिश्रम से डरता है, वह कभी सफ़लता नहीं पा सकता।