यदि आप में आत्मविश्वास नहीं है तो आप हमेशा न जीतने का बहाना खोज लेंगे
जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....
किसी को आपकी कहानी में कोई दिलचस्पी नही होती जब तक कि आप जीत नही जाते
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है
क्रोध में भी शब्दो का चुनाव ऐसा होना चाहिए कि कल जब गुस्सा उतरे तो खुद की नजरों में शर्मिंदा न होना पड़े
न तो इतने कड़वे बनो की कोई थूक दे और न ही इतने मीठे बनों की कोई निगल जाए.
यदि आप में आत्मविश्वास नहीं है तो आप हमेशा न जीतने का बहाना खोज लेंगे
जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....
किसी को आपकी कहानी में कोई दिलचस्पी नही होती जब तक कि आप जीत नही जाते
बादशाह सिर्फ वक्त होता है, इन्सान तो यूँ ही गुरुर करता है
क्रोध में भी शब्दो का चुनाव ऐसा होना चाहिए कि कल जब गुस्सा उतरे तो खुद की नजरों में शर्मिंदा न होना पड़े
न तो इतने कड़वे बनो की कोई थूक दे और न ही इतने मीठे बनों की कोई निगल जाए.