वक्त बीतने के बाद अक्सर यह अहसास होता है.. जो छूट गया वो लम्हा
खुशी का पहला उपाय पिछली बातों पर बहुत अधिक विचार करने से बचें
जो 'इन्सान' आपकी खुशी के लिये 'हार' मान लेता है उससे आप कभी 'जीत' नही सकते
सुख का ताला केवल और केवल संतुष्टि की चाभी से खुलता है
अगर तुम एक खुशहाल जीवन जीना चाहते हो, तो अपने आप को अपने उद्देश्य से बांध लो ना कि लोगो से।
जो लोग आपको सिर्फ काम के वक़्त याद करते है उन लोगो के काम जरूर आओ क्योंकि वो अंधेरे में रोशनी ढूंढते है और वह रोशनी आप हो..
वक्त बीतने के बाद अक्सर यह अहसास होता है.. जो छूट गया वो लम्हा
खुशी का पहला उपाय पिछली बातों पर बहुत अधिक विचार करने से बचें
जो 'इन्सान' आपकी खुशी के लिये 'हार' मान लेता है उससे आप कभी 'जीत' नही सकते
सुख का ताला केवल और केवल संतुष्टि की चाभी से खुलता है
अगर तुम एक खुशहाल जीवन जीना चाहते हो, तो अपने आप को अपने उद्देश्य से बांध लो ना कि लोगो से।
जो लोग आपको सिर्फ काम के वक़्त याद करते है उन लोगो के काम जरूर आओ क्योंकि वो अंधेरे में रोशनी ढूंढते है और वह रोशनी आप हो..