यदि गुलाब की तरह खिलना चाहते है तो काँटों के साथ तालमेल की कला सीखनी होगी!
कड़ी मेहनत के बिना, मातम के अलावा कुछ भी नहीं बढ़ता है
धार्मिक कथाओं को सुनने पर, श्मशान में और रोगियों को देखकर व्यक्ति कि बुद्धि को जो वैराग्य हो जाता है. यदि ऐसा वैराग्य सदा बना रहे तो भला कौन संसार के इन बंधनों से मुक्त नहीं होगा.
भविष्य का अनुमान लगाने का सबसे सही तरीका है उसे बनाना
तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश हैं. तू चल तेरे वज़ूद की समय को भी तलाश हैं.
अच्छे इन्सान की सबसे पहली और सबसे आखिरी निशानी ये है कि वो उन लोगों की भी इज्जत करता है जिनसे उसे किसी किस्म के फायदे की उम्मीद नही होती..!
यदि गुलाब की तरह खिलना चाहते है तो काँटों के साथ तालमेल की कला सीखनी होगी!
कड़ी मेहनत के बिना, मातम के अलावा कुछ भी नहीं बढ़ता है
धार्मिक कथाओं को सुनने पर, श्मशान में और रोगियों को देखकर व्यक्ति कि बुद्धि को जो वैराग्य हो जाता है. यदि ऐसा वैराग्य सदा बना रहे तो भला कौन संसार के इन बंधनों से मुक्त नहीं होगा.
भविष्य का अनुमान लगाने का सबसे सही तरीका है उसे बनाना
तू खुद की खोज में निकल, तू किस लिए हताश हैं. तू चल तेरे वज़ूद की समय को भी तलाश हैं.
अच्छे इन्सान की सबसे पहली और सबसे आखिरी निशानी ये है कि वो उन लोगों की भी इज्जत करता है जिनसे उसे किसी किस्म के फायदे की उम्मीद नही होती..!