कोई जाति नीच नही होती लेकिन नीच आदमी हर जाति में होता है
नाराजगी कभी वहाँ मत रखिये...जहाँ आपको बताना पड़े आप नाराज हो
आपकी दिन की पहली विफलता तब शूरू होती हैं जब आप पाँच मिनट के लिए औऱ सोने का फैसला लेते हैं
रिश्तों की खूबसूरती एक दूसरे की बात समझने में है ख़ुद जैसा इंसान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।
आपकी इज्जत तब होती है जब आपके पास कुछ ऐसा होता है जो सबके पास नहीं होता .
डिग्रियाँ तो तालीम के ख़र्चे की रसीदें हैं...इल्म वही है जो किरदार में झलकता है.
कोई जाति नीच नही होती लेकिन नीच आदमी हर जाति में होता है
नाराजगी कभी वहाँ मत रखिये...जहाँ आपको बताना पड़े आप नाराज हो
आपकी दिन की पहली विफलता तब शूरू होती हैं जब आप पाँच मिनट के लिए औऱ सोने का फैसला लेते हैं
रिश्तों की खूबसूरती एक दूसरे की बात समझने में है ख़ुद जैसा इंसान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।
आपकी इज्जत तब होती है जब आपके पास कुछ ऐसा होता है जो सबके पास नहीं होता .
डिग्रियाँ तो तालीम के ख़र्चे की रसीदें हैं...इल्म वही है जो किरदार में झलकता है.