अगर आप अपना पैसा गिन सकते हो तो आपको निश्चय ही और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है
तू रख यकीन बस अपने इरादों पर, तेरी हार, तेरे हौसलों से तो बड़ी नहीं होगी ।
जीवन के प्रति जिस व्यक्ति के पास सबसे कम_शिकायतें हैं वही सबसे अधिक सुखी है
"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी
अगर आपको ख्याल आये की आप बहुत बुरे हो; तो यकीन मानो अगर आप सच मे बुरे होते तो आपको ये ख्याल ही नही आता
ज्ञान से बढ़कर कोई दूसरा गुरु नहीं, काम-वासना के समान कोई दूसरा रोग नहीं, क्रोध के समान कोई आग नहीं और अज्ञानता के जैसा शत्रु कोई नहीं.
अगर आप अपना पैसा गिन सकते हो तो आपको निश्चय ही और ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है
तू रख यकीन बस अपने इरादों पर, तेरी हार, तेरे हौसलों से तो बड़ी नहीं होगी ।
जीवन के प्रति जिस व्यक्ति के पास सबसे कम_शिकायतें हैं वही सबसे अधिक सुखी है
"उपलब्धि" और "आलोचना" एक दूसरे के मित्र हैं !! उपलब्धियां बढ़ेगी तो निश्चित ही आपकी आलोचना भी बढ़ेगी
अगर आपको ख्याल आये की आप बहुत बुरे हो; तो यकीन मानो अगर आप सच मे बुरे होते तो आपको ये ख्याल ही नही आता
ज्ञान से बढ़कर कोई दूसरा गुरु नहीं, काम-वासना के समान कोई दूसरा रोग नहीं, क्रोध के समान कोई आग नहीं और अज्ञानता के जैसा शत्रु कोई नहीं.