सितारे उन्ही के चमकते है, जो मजबूरियों का रोना रोया नही करते|

सितारे उन्ही के चमकते है, जो मजबूरियों का रोना रोया नही करते|

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संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही

बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी है लेकिन संयम और सभ्यता का दामन नहीं छूटना चाहिये..!!

तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .

रात भर गहरी नींद आना इतना आसान नहीं उसके लिए दिन भर ईमानदारी से जीना पड़ता हैं

कामयाबी के सफर में "धूप" का बड़ा महत्व होता हैं.. छांव मिलते ही कदम रुकने लगते है..

मूर्ख को उपदेश शत्रु के समान लगता है. लोभियों अथवा कंजूसो को याचक (भिखारी) शत्रु सा लगता है. व्यभिचारिणी स्त्री को उसका पति शत्रु लगता है, तो चोरों को चंद्रमा शत्रु लगता है.

संसार में सुई बनकर रहे, कैंची बनकर नही क्योंकि सुई 2 को 1 कर देती है और कैंची 1 को 2 कर देती है अर्थात सबको जोड़ो, तोड़ो नही

बोलना और प्रतिक्रिया करना जरूरी है लेकिन संयम और सभ्यता का दामन नहीं छूटना चाहिये..!!

तकदीर ऐसे ही नहीं बदलती, पहले अपनी सोच को बदलना पड़ता है .

रात भर गहरी नींद आना इतना आसान नहीं उसके लिए दिन भर ईमानदारी से जीना पड़ता हैं

कामयाबी के सफर में "धूप" का बड़ा महत्व होता हैं.. छांव मिलते ही कदम रुकने लगते है..

मूर्ख को उपदेश शत्रु के समान लगता है. लोभियों अथवा कंजूसो को याचक (भिखारी) शत्रु सा लगता है. व्यभिचारिणी स्त्री को उसका पति शत्रु लगता है, तो चोरों को चंद्रमा शत्रु लगता है.