जीवन के प्रति जिस व्यक्ति के पास सबसे कम_शिकायतें हैं वही सबसे अधिक सुखी है
अगर आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में असफल हो जाते हैं, तो अपनी रणनीति बदलिए न कि लक्ष्य।
बातें ऐसी मत करो जिससे तुम्हारी परवरिश पर सवाल उठे
किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो
अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है
संग्रहित धन का व्यय होते रहने से ही उसमें निरंतर वृद्धि सम्भव है. जैसे तालाब का पानी एक ही जगह पड़ा रहने कि वजह से दूषित हो जाता है, वह पीने योग्य नहीं रहता- इसी प्रकार यदि धन का सदुपयोग न हो तो वह किसी काम का नहीं रहता है.
जीवन के प्रति जिस व्यक्ति के पास सबसे कम_शिकायतें हैं वही सबसे अधिक सुखी है
अगर आप अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में असफल हो जाते हैं, तो अपनी रणनीति बदलिए न कि लक्ष्य।
बातें ऐसी मत करो जिससे तुम्हारी परवरिश पर सवाल उठे
किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो
अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है
संग्रहित धन का व्यय होते रहने से ही उसमें निरंतर वृद्धि सम्भव है. जैसे तालाब का पानी एक ही जगह पड़ा रहने कि वजह से दूषित हो जाता है, वह पीने योग्य नहीं रहता- इसी प्रकार यदि धन का सदुपयोग न हो तो वह किसी काम का नहीं रहता है.