आये हो निभाने को जब, किरदार जमी पर, कुछ ऐसा कर चलो कि जमाना मिसाल दे

आये हो निभाने को जब, किरदार जमी पर, कुछ ऐसा कर चलो कि जमाना मिसाल दे

Share:

More Like This

देखा हुआ सपना,सपना ही रह जाता है जब तक उसे पूरा करने के लिए मेहनत ना कि जाये

जिसके साथ बात करने से ही खुशी दोगुनी और दुख आधा रह जाये, वो ही अपना है.. बाकी तो बस दुनिया है..!!

आप सफलता तब तक नहीं प्राप्त कर सकते जब तक आप में असफल होने का साहस न हो…!

चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।

परमात्मा का ज्ञान होने पर देह का मोह मिट जाता है. तब मन जहाँ भी जाता है, वहीं समाधि लग जाती है.

"ज़िन्दगी" में कभी किसी "बुरे दिन" से सामना हो जाये तो इतना "हौसला" जरूर रखना "दिन" बुरा था "ज़िन्दगी" नहीं

देखा हुआ सपना,सपना ही रह जाता है जब तक उसे पूरा करने के लिए मेहनत ना कि जाये

जिसके साथ बात करने से ही खुशी दोगुनी और दुख आधा रह जाये, वो ही अपना है.. बाकी तो बस दुनिया है..!!

आप सफलता तब तक नहीं प्राप्त कर सकते जब तक आप में असफल होने का साहस न हो…!

चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।

परमात्मा का ज्ञान होने पर देह का मोह मिट जाता है. तब मन जहाँ भी जाता है, वहीं समाधि लग जाती है.

"ज़िन्दगी" में कभी किसी "बुरे दिन" से सामना हो जाये तो इतना "हौसला" जरूर रखना "दिन" बुरा था "ज़िन्दगी" नहीं