हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
संकट में मनुष्य को वास्तु दोष, पितर दोष शनि दोष सब याद आ जाते है, लेकिन अपने दोष दिखाई नही देते है
जो लोग मिली हुई चीज को छोड़कर उस चीज के पीछे भागते है
फोकस खुद पे करो जब तक लोग तुम पर फोकस ना करे
सिर्फ जहर ही मौत नही देता कुछ लोगो की बाते भी काफी होती है
त्याग के बिना कुछ भी पाना संभव नही क्योंकि सांस लेने के लिए भी पहले सांस छोड़नी पड़ती है.।
हर प्रशंसा करने वाला आपका शुभचिंतक नही होता
संकट में मनुष्य को वास्तु दोष, पितर दोष शनि दोष सब याद आ जाते है, लेकिन अपने दोष दिखाई नही देते है
जो लोग मिली हुई चीज को छोड़कर उस चीज के पीछे भागते है
फोकस खुद पे करो जब तक लोग तुम पर फोकस ना करे
सिर्फ जहर ही मौत नही देता कुछ लोगो की बाते भी काफी होती है
त्याग के बिना कुछ भी पाना संभव नही क्योंकि सांस लेने के लिए भी पहले सांस छोड़नी पड़ती है.।