अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है
इंसान सफल तब होता है जब वो जरूरत और चाहत के बीच फर्क समझ लेता है
दुनिया पर जीत हासिल करने से पहले अपने मन पर जीत हासिल करना जरुरी है
मन मे उतरना और मन से उतरना, केवल आपके स्वभाव पर निर्भर करता है
मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
खुशियों की तलाश वहाँ मत करो जहाँ गम को छोड़ा था
अहंकार की बस एक खराबी है ये कभी आपको महसूस ही नही होने देता कि आप गलत है
इंसान सफल तब होता है जब वो जरूरत और चाहत के बीच फर्क समझ लेता है
दुनिया पर जीत हासिल करने से पहले अपने मन पर जीत हासिल करना जरुरी है
मन मे उतरना और मन से उतरना, केवल आपके स्वभाव पर निर्भर करता है
मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
खुशियों की तलाश वहाँ मत करो जहाँ गम को छोड़ा था