अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।
दूसरों की खुशी में खुश रहना सीखो वरना दूसरे अपनी खुशी में बुलाना बंद कर देंगे।
कौन चला गया ये important नही है, कौन अब भी है ये important है.
जो आपके शब्दों का "मूल्य" नहीं समझता उसके सामने मौन रहना ही बेहतर है.
आप अपनी गलतियों से तभी सीख सकते हैं , जब आप अपनी गलतियों को स्वीकार करते हैं
लोगो के मुँह बंद करने से अच्छा है अपने कान बंदकरलो
अधर्म बुद्धि से आत्मविनाश की सुचना मिलती है।
दूसरों की खुशी में खुश रहना सीखो वरना दूसरे अपनी खुशी में बुलाना बंद कर देंगे।
कौन चला गया ये important नही है, कौन अब भी है ये important है.
जो आपके शब्दों का "मूल्य" नहीं समझता उसके सामने मौन रहना ही बेहतर है.
आप अपनी गलतियों से तभी सीख सकते हैं , जब आप अपनी गलतियों को स्वीकार करते हैं
लोगो के मुँह बंद करने से अच्छा है अपने कान बंदकरलो