कुछ इस तरह उस फ़कीर ने ज़िन्दगी की मिसाल दी, मुट्ठी में धूल ली और हवा में उछाल दी...

कुछ इस तरह उस फ़कीर ने ज़िन्दगी की मिसाल दी, मुट्ठी में धूल ली और हवा में उछाल दी...

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गया था मै तुझसे दुर बहुत कुछ पाने के लिए ……….पर सिवाए तेरी यादो के कुछ हासिल ना हुआ !!!!

कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती

चलो खामोशियों की गिरफत में चलते हैं, बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जाएंगे

वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है

माना मौसम भी बदलते हैं मगर धीरे धीरे .. तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है .

गया था मै तुझसे दुर बहुत कुछ पाने के लिए ……….पर सिवाए तेरी यादो के कुछ हासिल ना हुआ !!!!

कोई अपना सा क्या लगा एक बार, किस्मत ने तो बुरा ही मान लिया

खुद से होती है जाने शिकायतें कितनी.....जिन्हें किसी से.... कोई शिकायत नहीं होती

चलो खामोशियों की गिरफत में चलते हैं, बातें ज़्यादा हुई तो जज़्बात खुल जाएंगे

वो दूर होकर भी पास हैं हमारी नहीं है फिर भी ख़ास है

माना मौसम भी बदलते हैं मगर धीरे धीरे .. तेरे बदलने की रफ़्तार से तो हवाएं भी हैरान है .