मौन से जो कहा जा सकता है वो शब्द से नहीं और दिल से जो दिया जा सकता है वो हाथ से नहीं

मौन से जो कहा जा सकता है वो शब्द से नहीं और दिल से जो दिया जा सकता है वो हाथ से नहीं

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सत्य ही प्रेम है और सत्य से जन्म लिया हुआ प्रेम ही सच्चा प्यार है।

ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||

तुम्हारा गुस्सा इतना सुंदर है कि जी करता है तुम्हें बस तंग करता रहु।

किसी को इतना भी मत चाहो कि बाद मे भुलाना मुश्किल हो।

प्यार किया नहीं जाता प्यार तो बस हो जाता है।

झुठा प्यार तुम्हें खाता है और सच्चा प्यार तुम्हारा ख्याल रखता है।

सत्य ही प्रेम है और सत्य से जन्म लिया हुआ प्रेम ही सच्चा प्यार है।

ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||

तुम्हारा गुस्सा इतना सुंदर है कि जी करता है तुम्हें बस तंग करता रहु।

किसी को इतना भी मत चाहो कि बाद मे भुलाना मुश्किल हो।

प्यार किया नहीं जाता प्यार तो बस हो जाता है।

झुठा प्यार तुम्हें खाता है और सच्चा प्यार तुम्हारा ख्याल रखता है।