मौन से जो कहा जा सकता है वो शब्द से नहीं और दिल से जो दिया जा सकता है वो हाथ से नहीं

मौन से जो कहा जा सकता है वो शब्द से नहीं और दिल से जो दिया जा सकता है वो हाथ से नहीं

Share:

More Like This

ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||

तुम कितनी भी दूर क्यू न हो तुम तो हमेशा मेरे दिल के पास हो।

क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।

जब रात को मैंने आकाश की ओर देखा तो हर तारों मे सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता था और जब मैंने अपनी आँखे बंद की तो मेरे मन भी सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता था।

कहते है सच्चा प्यार कभी नहीं मरता और सच्चा प्यार कभी नहीं मिलता।

तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार करता हु मै तो सिर्फ तुम्हें प्यार करता हु।

ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||

तुम कितनी भी दूर क्यू न हो तुम तो हमेशा मेरे दिल के पास हो।

क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।

जब रात को मैंने आकाश की ओर देखा तो हर तारों मे सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता था और जब मैंने अपनी आँखे बंद की तो मेरे मन भी सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता था।

कहते है सच्चा प्यार कभी नहीं मरता और सच्चा प्यार कभी नहीं मिलता।

तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार करता हु मै तो सिर्फ तुम्हें प्यार करता हु।