मौन से जो कहा जा सकता है वो शब्द से नहीं और दिल से जो दिया जा सकता है वो हाथ से नहीं

मौन से जो कहा जा सकता है वो शब्द से नहीं और दिल से जो दिया जा सकता है वो हाथ से नहीं

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क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।

झुठा प्यार तुम्हें खाता है और सच्चा प्यार तुम्हारा ख्याल रखता है।

तुम्हारा गुस्सा इतना सुंदर है कि जी करता है तुम्हें बस तंग करता रहु।

किसी को इतना भी मत चाहो कि बाद मे भुलाना मुश्किल हो।

तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार करता हु मै तो सिर्फ तुम्हें प्यार करता हु।

ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||

क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।

झुठा प्यार तुम्हें खाता है और सच्चा प्यार तुम्हारा ख्याल रखता है।

तुम्हारा गुस्सा इतना सुंदर है कि जी करता है तुम्हें बस तंग करता रहु।

किसी को इतना भी मत चाहो कि बाद मे भुलाना मुश्किल हो।

तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार करता हु मै तो सिर्फ तुम्हें प्यार करता हु।

ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||