नादान इंसान ही जिंदगी का आनंद लेता है ज्यादा होशियार तो उलझा ही रहता है

नादान इंसान ही जिंदगी का आनंद लेता है ज्यादा होशियार तो उलझा ही रहता है

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प्रसन्नता हम पर ही निर्भर करती है .

अरस्तु

पैसा आपके लिए खुशियाँ नहीं खरीद सकता लेकिन वो दुःख को कुछ सुखद रूप में अनुभव करा सकता है.

स्पाइक मिल्लिगैन

प्रसन्नता कोई पहले से निर्मित वास्तु नहीं है. वो आपके कर्मो से आती है.

दलाई लामा

आपके जीवन की प्रसन्नता आपके विचारों की गुद्वात्ता पर निर्भर करती है .

मार्कस औरेलियास

कभी भी उनसे मित्रता मत कीजिये जो आपसे कम या ज्यादा प्रतिष्ठा के हों. ऐसी मित्रता कभी आपको ख़ुशी नहीं देगी.

चाणक्य

Next time when you think about a wonderful & beautiful thing in life don't forget to include YOURSELF in it.

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