नादान इंसान ही जिंदगी का आनंद लेता है ज्यादा होशियार तो उलझा ही रहता है

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जो चाहा वो मिल जाना सफलता है. जो मिला उसको चाहना प्रसन्नता है.

जब महत्त्वाकांक्षाएं ख़तम होती हैं, तब ख़ुशी शुरू होती है.

थोमस मर्टन

किसी को अधिकार नहीं है कि वो बिना ख़ुशी पैदा किये उसका उपभोग करे .

हेलेन केलर

प्रसन्नता वो पुरस्कार है जो हमे हमारी समझ के अनुरूप सबसे सही जीवन जीने पे मिलता है .

रिचर्ड बैक

लोग केहते हैं कि पैसा खुशियों की चाभी नहीं है, पर मैंने हमेशा पाया है कि यदि आपके पास पैसा है तो आप एक चाभी बनवा सकते हैं.

जोन रिवर्स

पैसे ने कभी किसी को ख़ुशी नहीं दी है, और न देगा, उसके स्वभाव में ऐसा कुछ नहीं है जिससे ख़ुशी उत्पन्न हो. ये जितना ज्यादा जिसके पास होता है वो उतना ही और इसे चाहता है .

बेंजामिन फ्रैंकलिन

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