देश में "राजा" समाज में "गुरु" परिवार में "पिता" घर में "स्त्री" ये कभी "साधारण" नहीं होते क्योंकि ~ निर्माण और प्रलय ~ इन्हीं के "हाथ" में होता है
बेहतरीन इंसान अपनी मीठी बातों से ही जाना जाता है... वरना अच्छी बातें तो दीवारो पे भी लिखी होती है
किसी दूसरे का टाइमपास बनने से अच्छा है अपने करियर पर ध्यान दो |
मूर्ख का हृदय सूना रहता है, पुत्र रहित घर सुना रहता है, लेकिन गरीब का घर इनसे कहीं अधिक सूना रहता है. अतः आदमी को परिश्रम करके इस पर विजय पानी चाहिए.
मौन रहना अच्छा है परन्तु....
विदेश में विद्या मित्र के समान होती है, औषधि रोगियों कि मित्र होती है, पत्नी घर में मित्र होती है और मृतक का मित्र होता है- धर्म .
देश में "राजा" समाज में "गुरु" परिवार में "पिता" घर में "स्त्री" ये कभी "साधारण" नहीं होते क्योंकि ~ निर्माण और प्रलय ~ इन्हीं के "हाथ" में होता है
बेहतरीन इंसान अपनी मीठी बातों से ही जाना जाता है... वरना अच्छी बातें तो दीवारो पे भी लिखी होती है
किसी दूसरे का टाइमपास बनने से अच्छा है अपने करियर पर ध्यान दो |
मूर्ख का हृदय सूना रहता है, पुत्र रहित घर सुना रहता है, लेकिन गरीब का घर इनसे कहीं अधिक सूना रहता है. अतः आदमी को परिश्रम करके इस पर विजय पानी चाहिए.
मौन रहना अच्छा है परन्तु....
विदेश में विद्या मित्र के समान होती है, औषधि रोगियों कि मित्र होती है, पत्नी घर में मित्र होती है और मृतक का मित्र होता है- धर्म .