काबिलियत इतनी बढ़ाओ की तुम्हे हराने के लिए कोशिश नहीं साजिश करनी पड़े.
गलत व्यक्ति कितना भी मीठा बोले, एक दिन आपके लिए "बीमारी" बन जाएगा अच्छा व्यक्ति कितना भी कड़वा लगे, एक दिन "औषधि" बन कर काम आएग
आप अपनी गलतियों से तभी सीख सकते हैं , जब आप अपनी गलतियों को स्वीकार करते हैं
कर्म करो तो फल मिलता है, आज नहीं तो कल मिलता है जितना गहरा अधिक हो कुआँ, उतना मीठा जल मिलता है।
जैसे आपके दोस्त होंगे वैसा ही आपका भविष्य बनेगा
अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी
काबिलियत इतनी बढ़ाओ की तुम्हे हराने के लिए कोशिश नहीं साजिश करनी पड़े.
गलत व्यक्ति कितना भी मीठा बोले, एक दिन आपके लिए "बीमारी" बन जाएगा अच्छा व्यक्ति कितना भी कड़वा लगे, एक दिन "औषधि" बन कर काम आएग
आप अपनी गलतियों से तभी सीख सकते हैं , जब आप अपनी गलतियों को स्वीकार करते हैं
कर्म करो तो फल मिलता है, आज नहीं तो कल मिलता है जितना गहरा अधिक हो कुआँ, उतना मीठा जल मिलता है।
जैसे आपके दोस्त होंगे वैसा ही आपका भविष्य बनेगा
अत्यधिक उम्मीद को विराम दो, मन की शांति फिर से वापिस लौट आएगी