"अपने passion के पीछे भागो फिर देखना एक दिन ये दुनिया आपके कदमों में होगी"

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“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

जैसे फलों में गंध, तिलों में तेल, काष्ठ में अग्नि, दुग्ध में घी, गन्ने में गुड़ है, उसी तरह शरीर में परमात्मा है. इसे पहचानना चाहिए.

किसी भी कार्य में पल भर का भी विलम्ब न करें।

जो लोग आपको सिर्फ काम के वक़्त याद करते है उन लोगो के काम जरूर आओ क्योंकि वो अंधेरे में रोशनी ढूंढते है और वह रोशनी आप हो..

वक्त होता है बदलने के लिए, ठहरते तो बस लम्हे ही हैं ....!!

जिंदगी में रह गई कुछ खाली जगह को सिर्फ समझौते ही भरते है

“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

जैसे फलों में गंध, तिलों में तेल, काष्ठ में अग्नि, दुग्ध में घी, गन्ने में गुड़ है, उसी तरह शरीर में परमात्मा है. इसे पहचानना चाहिए.

किसी भी कार्य में पल भर का भी विलम्ब न करें।

जो लोग आपको सिर्फ काम के वक़्त याद करते है उन लोगो के काम जरूर आओ क्योंकि वो अंधेरे में रोशनी ढूंढते है और वह रोशनी आप हो..

वक्त होता है बदलने के लिए, ठहरते तो बस लम्हे ही हैं ....!!

जिंदगी में रह गई कुछ खाली जगह को सिर्फ समझौते ही भरते है