रिश्ता चाहे इस धरती पर कोई भी हो, सबका सिर्फ एक ही पासवर्ड है भरोसा
रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.
मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।
जीवन मे सिर्फ वहाँ तक ही "झुकना' चाहिए जहाँ तक सम्बन्धो में "लचकता" और मन मे "आत्मसम्मान" बना रहे
सफल जीवन के चार सुत्र मेहनत करे तो धन बने सब्र करे तो काम मीठा बोले तो पहचान बने और इज्जत करे तो नाम,
"ज़िन्दगी" में कभी किसी "बुरे दिन" से सामना हो जाये तो इतना "हौसला" जरूर रखना "दिन" बुरा था "ज़िन्दगी" नहीं
रिश्ता चाहे इस धरती पर कोई भी हो, सबका सिर्फ एक ही पासवर्ड है भरोसा
रिश्तो में झुकना कोई अजीब बात नही, सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए.
मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।
जीवन मे सिर्फ वहाँ तक ही "झुकना' चाहिए जहाँ तक सम्बन्धो में "लचकता" और मन मे "आत्मसम्मान" बना रहे
सफल जीवन के चार सुत्र मेहनत करे तो धन बने सब्र करे तो काम मीठा बोले तो पहचान बने और इज्जत करे तो नाम,
"ज़िन्दगी" में कभी किसी "बुरे दिन" से सामना हो जाये तो इतना "हौसला" जरूर रखना "दिन" बुरा था "ज़िन्दगी" नहीं