अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.
अपनी तुलना दुसरो से ना करे, हर फल का स्वाद अलग अलग होता है
कर्म सुख भले ही न ला सके, परंतु कर्म के बिना सुख नहीं मिलता
लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये.... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!
अच्छे जरूर बने लेकिन साबित करने की कोशिश ना करें...
जीवन में सुखी रहने के लिए दो शक्तियों का होना जरूरी है पहली सहनशक्ति और दूसरी समझ शक्ति
अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.
अपनी तुलना दुसरो से ना करे, हर फल का स्वाद अलग अलग होता है
कर्म सुख भले ही न ला सके, परंतु कर्म के बिना सुख नहीं मिलता
लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये.... इसलिए नहीं कि, उनका अधिकार है... बल्कि इसलिए कि, आप में संस्कार है ...!
अच्छे जरूर बने लेकिन साबित करने की कोशिश ना करें...
जीवन में सुखी रहने के लिए दो शक्तियों का होना जरूरी है पहली सहनशक्ति और दूसरी समझ शक्ति