मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा।
क्रोध मनुष्य के पतन का रास्ता है जो वो स्वयं निर्मित करता हैं…
सपने हमेशा बडे रखो दोस्तो सोच तो लोगों की छोटी है..
क्रोध वह हवा है जो बुद्धि के दीप को बुझा देती है.
आग में आग नहीं डालनी चाहिए। अर्थात क्रोधी व्यक्ति को अधिक क्रोध नहीं दिलाना चाहिए।
तन्हाईयो से इस कदर डर लगता है सफ़र ही अब तो हमसफ़र लगता है !!
मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा।
क्रोध मनुष्य के पतन का रास्ता है जो वो स्वयं निर्मित करता हैं…
सपने हमेशा बडे रखो दोस्तो सोच तो लोगों की छोटी है..
क्रोध वह हवा है जो बुद्धि के दीप को बुझा देती है.
आग में आग नहीं डालनी चाहिए। अर्थात क्रोधी व्यक्ति को अधिक क्रोध नहीं दिलाना चाहिए।
तन्हाईयो से इस कदर डर लगता है सफ़र ही अब तो हमसफ़र लगता है !!