अजीब सी दुनिया है, अजीब से ठिकाने है, यहाँ लोग मिलते कम है, झाकते ज्यादा है...

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"क्रोध मूर्खता से प्रारम्भ और पश्चाताप पर खत्म होता है |"

पाईथागोरस

मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है …!

क्रोध के कारण की तुलना में उसके परिणाम कितने गंभीर होते हैं।

जा PAGLE जी ले अपनी जिंदगी, हम मोहब्बत की रानी है, गद्दारो के मुँह नहीं लगते.

"क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है |"

महात्मा गांधी

"जो मन की पीड़ा को स्पष्ट रूप में नहीं कह सकता, उसी को क्रोध अधिक आता है |"

रवीन्द्रनाथ ठाकुर

"क्रोध मूर्खता से प्रारम्भ और पश्चाताप पर खत्म होता है |"

पाईथागोरस

मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है …!

क्रोध के कारण की तुलना में उसके परिणाम कितने गंभीर होते हैं।

जा PAGLE जी ले अपनी जिंदगी, हम मोहब्बत की रानी है, गद्दारो के मुँह नहीं लगते.

"क्रोध को जीतने में मौन सबसे अधिक सहायक है |"

महात्मा गांधी

"जो मन की पीड़ा को स्पष्ट रूप में नहीं कह सकता, उसी को क्रोध अधिक आता है |"

रवीन्द्रनाथ ठाकुर