अजीब सी दुनिया है, अजीब से ठिकाने है, यहाँ लोग मिलते कम है, झाकते ज्यादा है...

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"क्रोध एक प्रकार का क्षणिक पागलपन है।"

महात्मा गाँधी

STATUS और PIC मत देख PAGLI ज़ाके KITAB पड़ PYAAR होने से अच्छा PASS हो ज़ाएगी.

क्रोध व्यक्ति का वह चारित्रिक दोष हैं जो अक्सर बने बनाये काम को बिगाड़ देता हैं…

हारने वालो का भी अपना रुतबा होता हैं … मलाल वो करे जो दौड़ में शामिल नही थे..

लड़कियाँ भी मोहब्बत मे ऐसे लड़को को चाँद तारे तोड़कर लाने को कहती है, जिनको मोहल्ले मे कोई कड़ी पत्ता भी तोड़ने नही देता।

वो मेरी न हुई तो ईसमेँ हैरत की कोई बात नहीँ, क्योँकि शेर से दिल लगाये बकरी की ईतनी औकात नही।

"क्रोध एक प्रकार का क्षणिक पागलपन है।"

महात्मा गाँधी

STATUS और PIC मत देख PAGLI ज़ाके KITAB पड़ PYAAR होने से अच्छा PASS हो ज़ाएगी.

क्रोध व्यक्ति का वह चारित्रिक दोष हैं जो अक्सर बने बनाये काम को बिगाड़ देता हैं…

हारने वालो का भी अपना रुतबा होता हैं … मलाल वो करे जो दौड़ में शामिल नही थे..

लड़कियाँ भी मोहब्बत मे ऐसे लड़को को चाँद तारे तोड़कर लाने को कहती है, जिनको मोहल्ले मे कोई कड़ी पत्ता भी तोड़ने नही देता।

वो मेरी न हुई तो ईसमेँ हैरत की कोई बात नहीँ, क्योँकि शेर से दिल लगाये बकरी की ईतनी औकात नही।