अजीब सी दुनिया है, अजीब से ठिकाने है, यहाँ लोग मिलते कम है, झाकते ज्यादा है...

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मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है …!

क्रोध एक ऐसा श्राप हैं जो मनुष्य खुद को देता हैं…

हर बार जब आप क्रोधित होते हैं, तब आप अपनी ही प्रणाली में ज़हर घोलते हैं.

अल्फ्रेड ऐ. मोंटापर्ट

"जो मनुष्य क्रोधी पर क्रोध नहीं करता और क्षमा करता है वह अपनी और क्रोध करनेवाले की महासंकट से रक्षा करता है।"

वेदव्यास

इरादे सब मेरे साफ़ होते हैं, इसीलिए, लोग अक्सर मेरे ख़िलाफ़ होते हैँ…!!!

क्रोध के कारण की तुलना में उसके परिणाम कितने गंभीर होते हैं।

मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है …!

क्रोध एक ऐसा श्राप हैं जो मनुष्य खुद को देता हैं…

हर बार जब आप क्रोधित होते हैं, तब आप अपनी ही प्रणाली में ज़हर घोलते हैं.

अल्फ्रेड ऐ. मोंटापर्ट

"जो मनुष्य क्रोधी पर क्रोध नहीं करता और क्षमा करता है वह अपनी और क्रोध करनेवाले की महासंकट से रक्षा करता है।"

वेदव्यास

इरादे सब मेरे साफ़ होते हैं, इसीलिए, लोग अक्सर मेरे ख़िलाफ़ होते हैँ…!!!

क्रोध के कारण की तुलना में उसके परिणाम कितने गंभीर होते हैं।