क्रोध मनुष्य के पतन का रास्ता है जो वो स्वयं निर्मित करता हैं…
देख मेरे जुते भी तेरी नियत से ज्यादा साफ़ है।
हम समंदर हैं, हमें खामोश ही रहने दो…. ज़रा मचल गये, तो शहर ले डूबेंगे…
"क्रोध मस्तिष्क के दीपक को बुझा देता है | अतः हमें सदैव शांत व स्थिरचित्त रहना चाहिए |"
क्रोध एक तरह का पागलपन है.
लड़कियाँ भी मोहब्बत मे ऐसे लड़को को चाँद तारे तोड़कर लाने को कहती है, जिनको मोहल्ले मे कोई कड़ी पत्ता भी तोड़ने नही देता।
क्रोध मनुष्य के पतन का रास्ता है जो वो स्वयं निर्मित करता हैं…
देख मेरे जुते भी तेरी नियत से ज्यादा साफ़ है।
हम समंदर हैं, हमें खामोश ही रहने दो…. ज़रा मचल गये, तो शहर ले डूबेंगे…
"क्रोध मस्तिष्क के दीपक को बुझा देता है | अतः हमें सदैव शांत व स्थिरचित्त रहना चाहिए |"
क्रोध एक तरह का पागलपन है.
लड़कियाँ भी मोहब्बत मे ऐसे लड़को को चाँद तारे तोड़कर लाने को कहती है, जिनको मोहल्ले मे कोई कड़ी पत्ता भी तोड़ने नही देता।