जिनकी नज़रों में हम अच्छे नही, वो अपनी आँखो का इलाज करवाये.
सपने हमेशा बडे रखो दोस्तो सोच तो लोगों की छोटी है..
"जो मन की पीड़ा को स्पष्ट रूप में नहीं कह सकता, उसी को क्रोध अधिक आता है |"
कोई भी क्रोधित हो सकता है- यह आसान है, लेकिन सही व्यक्ति से सही सीमा में सही समय पर और सही उद्देश्य के साथ सही तरीके से क्रोधित होना सभी के बस कि बात नहीं है और यह आसान नहीं है.
"क्रोध करने का मतलब है, दूसरों की गलतियों कि सजा स्वयं को देना; जब क्रोध आए तो उसके परिणाम पर विचार करो |"
जो व्यक्ति बदले की भावना रखता है वो दरअसल अपने ही घावों को हरा रखता है.
जिनकी नज़रों में हम अच्छे नही, वो अपनी आँखो का इलाज करवाये.
सपने हमेशा बडे रखो दोस्तो सोच तो लोगों की छोटी है..
"जो मन की पीड़ा को स्पष्ट रूप में नहीं कह सकता, उसी को क्रोध अधिक आता है |"
कोई भी क्रोधित हो सकता है- यह आसान है, लेकिन सही व्यक्ति से सही सीमा में सही समय पर और सही उद्देश्य के साथ सही तरीके से क्रोधित होना सभी के बस कि बात नहीं है और यह आसान नहीं है.
"क्रोध करने का मतलब है, दूसरों की गलतियों कि सजा स्वयं को देना; जब क्रोध आए तो उसके परिणाम पर विचार करो |"
जो व्यक्ति बदले की भावना रखता है वो दरअसल अपने ही घावों को हरा रखता है.