क्रोध पर यदि काबू ना किया जाये, तो वह जिस चोट के कारण उत्पन्न हुआ उससे से कहीं ज्यादा हानि पहुंचा सकता है.
मौन रहना ही क्रोध को वश में करने का सबसे सटीक उपाय हैं…
ये भी अच्छा है कि ये सिर्फ़ सुनता है, दिल अगर बोलता तो क़यामत हो जाती।
क्रोध के कारण की तुलना में उसके परिणाम कितने गंभीर होते हैं!
क्रोध पर काबू पाने के लिए सदैव उसे फल के विषय में चिन्तन करना चाहिए…
क्रोध एक ऐसा श्राप हैं जो मनुष्य खुद को देता हैं…
क्रोध पर यदि काबू ना किया जाये, तो वह जिस चोट के कारण उत्पन्न हुआ उससे से कहीं ज्यादा हानि पहुंचा सकता है.
मौन रहना ही क्रोध को वश में करने का सबसे सटीक उपाय हैं…
ये भी अच्छा है कि ये सिर्फ़ सुनता है, दिल अगर बोलता तो क़यामत हो जाती।
क्रोध के कारण की तुलना में उसके परिणाम कितने गंभीर होते हैं!
क्रोध पर काबू पाने के लिए सदैव उसे फल के विषय में चिन्तन करना चाहिए…
क्रोध एक ऐसा श्राप हैं जो मनुष्य खुद को देता हैं…