अजीब सी दुनिया है, अजीब से ठिकाने है, यहाँ लोग मिलते कम है, झाकते ज्यादा है...

अजीब सी दुनिया है, अजीब से ठिकाने है, यहाँ लोग मिलते कम है, झाकते ज्यादा है...

Share:

More Like This

"क्रोध से धनि व्यक्ति घृणा और निर्धन तिरस्कार का पात्र होता है |"

वो मेरी न हुई तो ईसमेँ हैरत की कोई बात नहीँ, क्योँकि शेर से दिल लगाये बकरी की ईतनी औकात नही।

आसमान में उड़ने वाले जरा ये खबर भी रख, जन्नत पहुँचने का रास्ता मिट्टी से ही गुजरता है।

मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा।

गुस्सा या क्रोध समस्याओं का समाधान नही हैं बल्कि यह नई समस्याओं का जन्मदाता हैं…

संसार में मुश्किल कार्यो में से एक हैं क्रोध पर विजय पाना…

"क्रोध से धनि व्यक्ति घृणा और निर्धन तिरस्कार का पात्र होता है |"

वो मेरी न हुई तो ईसमेँ हैरत की कोई बात नहीँ, क्योँकि शेर से दिल लगाये बकरी की ईतनी औकात नही।

आसमान में उड़ने वाले जरा ये खबर भी रख, जन्नत पहुँचने का रास्ता मिट्टी से ही गुजरता है।

मजा चख लेने दो उसे गेरो की मोहबत का भी, इतनी चाहत के बाद जो मेरा न हुआ वो ओरो का क्या होगा।

गुस्सा या क्रोध समस्याओं का समाधान नही हैं बल्कि यह नई समस्याओं का जन्मदाता हैं…

संसार में मुश्किल कार्यो में से एक हैं क्रोध पर विजय पाना…