"जो मनुष्य क्रोधी पर क्रोध नहीं करता और क्षमा करता है वह अपनी और क्रोध करनेवाले की महासंकट से रक्षा करता है।"
गुस्सा या क्रोध समस्याओं का समाधान नही हैं बल्कि यह नई समस्याओं का जन्मदाता हैं…
"क्रोध एक प्रकार का क्षणिक पागलपन है।"
"क्रोध करने का मतलब है, दूसरों की गलतियों कि सजा स्वयं को देना; जब क्रोध आए तो उसके परिणाम पर विचार करो |"
हर एक मिनट जिसमे आप क्रोधित रहते हैं, आप ६० सेकेण्ड की मन की शांति खोते हैं.
क्रोध के वशीभूत होकर लिए गये फैसले मूर्खता का प्रमाण देते हैं…
"जो मनुष्य क्रोधी पर क्रोध नहीं करता और क्षमा करता है वह अपनी और क्रोध करनेवाले की महासंकट से रक्षा करता है।"
गुस्सा या क्रोध समस्याओं का समाधान नही हैं बल्कि यह नई समस्याओं का जन्मदाता हैं…
"क्रोध एक प्रकार का क्षणिक पागलपन है।"
"क्रोध करने का मतलब है, दूसरों की गलतियों कि सजा स्वयं को देना; जब क्रोध आए तो उसके परिणाम पर विचार करो |"
हर एक मिनट जिसमे आप क्रोधित रहते हैं, आप ६० सेकेण्ड की मन की शांति खोते हैं.
क्रोध के वशीभूत होकर लिए गये फैसले मूर्खता का प्रमाण देते हैं…