अजीब सी दुनिया है, अजीब से ठिकाने है, यहाँ लोग मिलते कम है, झाकते ज्यादा है...

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शहर भर मेँ एक ही पहचान है ‘हमारी’ सुर्ख आँखे, गुस्सैल चेहरा और नवाबी अदायेँ’!

क्रोध वह तूफ़ान हैं जो ज्ञान के दीपक को बुझा देता हैं…

हम तो बेज़ान चीज़ों से भी वफ़ा करते हैं, तुझमे तो फिर भी मेरी जान बसी है।

"क्रोध एक प्रकार का क्षणिक पागलपन है।"

महात्मा गाँधी

जब सहनशीलता की सीमा पार करती है, तब प्रतिशोध की चिंगारी उठती है । यह चिंगारी क्रोध की ज्वाला बन जाती है, और फिर ज्वाला कहाँ देखती है कि, अपना घर जल रहा है, या दुश्मन का ।

"ईर्ष्या और क्रोध से जीवन क्षय होता है।"

बाइबल

शहर भर मेँ एक ही पहचान है ‘हमारी’ सुर्ख आँखे, गुस्सैल चेहरा और नवाबी अदायेँ’!

क्रोध वह तूफ़ान हैं जो ज्ञान के दीपक को बुझा देता हैं…

हम तो बेज़ान चीज़ों से भी वफ़ा करते हैं, तुझमे तो फिर भी मेरी जान बसी है।

"क्रोध एक प्रकार का क्षणिक पागलपन है।"

महात्मा गाँधी

जब सहनशीलता की सीमा पार करती है, तब प्रतिशोध की चिंगारी उठती है । यह चिंगारी क्रोध की ज्वाला बन जाती है, और फिर ज्वाला कहाँ देखती है कि, अपना घर जल रहा है, या दुश्मन का ।

"ईर्ष्या और क्रोध से जीवन क्षय होता है।"

बाइबल