अजीब सी दुनिया है, अजीब से ठिकाने है, यहाँ लोग मिलते कम है, झाकते ज्यादा है...

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इरादे सब मेरे साफ़ होते हैं, इसीलिए, लोग अक्सर मेरे ख़िलाफ़ होते हैँ…!!!

क्रोध वह तूफ़ान हैं जो ज्ञान के दीपक को बुझा देता हैं…

मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है …!

क्रोध एक ऐसा श्राप हैं जो मनुष्य खुद को देता हैं…

क्रोध एक तरह का पागलपन है.

कोई भी क्रोधित हो सकता है- यह आसान है, लेकिन सही व्यक्ति से सही सीमा में सही समय पर और सही उद्देश्य के साथ सही तरीके से क्रोधित होना सभी के बस कि बात नहीं है और यह आसान नहीं है.

इरादे सब मेरे साफ़ होते हैं, इसीलिए, लोग अक्सर मेरे ख़िलाफ़ होते हैँ…!!!

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मत पूछना मेरी शख्सियत के बारे में हम जैसे दिखते है वैसे ही लिखते है …!

क्रोध एक ऐसा श्राप हैं जो मनुष्य खुद को देता हैं…

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