सुधरी हे तो बस मेरी आदते वरना मेरे शौक, वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं…!!!
हारने वालो का भी अपना रुतबा होता हैं … मलाल वो करे जो दौड़ में शामिल नही थे..
अच्छे होते हैं बुरे लोग जो अच्छा होने का नाटक तो नहीं करते॥
क्रोध वह हवा है जो बुद्धि के दीप को बुझा देती है।
क्रोध वह तूफ़ान हैं जो ज्ञान के दीपक को बुझा देता हैं…
क्रोध एक तरह का पागलपन है.
सुधरी हे तो बस मेरी आदते वरना मेरे शौक, वो तो आज भी तेरी औकात से ऊँचे हैं…!!!
हारने वालो का भी अपना रुतबा होता हैं … मलाल वो करे जो दौड़ में शामिल नही थे..
अच्छे होते हैं बुरे लोग जो अच्छा होने का नाटक तो नहीं करते॥
क्रोध वह हवा है जो बुद्धि के दीप को बुझा देती है।
क्रोध वह तूफ़ान हैं जो ज्ञान के दीपक को बुझा देता हैं…
क्रोध एक तरह का पागलपन है.