अच्छे काम में डर लगे तो याद रखना, यह संकेत है कि आप का काम वाकई में बहादुरी से भरा है अगर इसमें डर और रिस्क नहीं होता तो हर कोई कर लेता
वक़्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे,
किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो
इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये ज़रूरी है।
कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला पर हम डूबने वालो का जज़्बा भी नहीं बदला है शौक-ए-सफ़र ऐसा, कि एक उम्र से हमने मंज़िल भी नहीं पायी और रस्ता भी नहीं बदला
समय अच्छा हो तो बन जाते है सभी साथी लेकिन समय मुश्किल हो तो खुद पे भारोश रखना..
अच्छे काम में डर लगे तो याद रखना, यह संकेत है कि आप का काम वाकई में बहादुरी से भरा है अगर इसमें डर और रिस्क नहीं होता तो हर कोई कर लेता
वक़्त से लड़कर जो अपना नसीब बदल दे, इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे,
किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो
इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये ज़रूरी है।
कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला पर हम डूबने वालो का जज़्बा भी नहीं बदला है शौक-ए-सफ़र ऐसा, कि एक उम्र से हमने मंज़िल भी नहीं पायी और रस्ता भी नहीं बदला
समय अच्छा हो तो बन जाते है सभी साथी लेकिन समय मुश्किल हो तो खुद पे भारोश रखना..