अगर किसी परिस्थिति के लिए आपके पास सही शब्द नहीं है तो सिर्फ मुस्कुरा दीजिये, शब्द उलझा सकते है पर मुस्कराहट हमेशा काम कर जाती है
जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।
घाव को भरने के लिए आपको उसे छूना बंद करना होगा
कुछ भी काम कर लो, मगर उस काम में तुमसे बेहतर "कोई नही होना चाहिए"
कामयाब होने के लिए कई बार हमें जो है उसी में शुरुआत कर लेनी होती है, भले तैयारी पूरी ना हो क्योंकि यह इंतजार करने से काफी बेहतर है।
लक्ष्य कोई “ बड़ा ” नही हारा वही जो “ लड़ा ” नही
अगर किसी परिस्थिति के लिए आपके पास सही शब्द नहीं है तो सिर्फ मुस्कुरा दीजिये, शब्द उलझा सकते है पर मुस्कराहट हमेशा काम कर जाती है
जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।
घाव को भरने के लिए आपको उसे छूना बंद करना होगा
कुछ भी काम कर लो, मगर उस काम में तुमसे बेहतर "कोई नही होना चाहिए"
कामयाब होने के लिए कई बार हमें जो है उसी में शुरुआत कर लेनी होती है, भले तैयारी पूरी ना हो क्योंकि यह इंतजार करने से काफी बेहतर है।
लक्ष्य कोई “ बड़ा ” नही हारा वही जो “ लड़ा ” नही