पूरे की ख्वाहिश में इंसान बहुत कुछ खोता है भूल जाता है की आधा चांद भी खूबसूरत होता है
वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है
“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !
खुशी का पहला उपाय पिछली बातों पर बहुत अधिक विचार करने से बचें
न तो इतने कड़वे बनो की कोई थूक दे और न ही इतने मीठे बनों की कोई निगल जाए.
अपने अंदर के छोटे-छोटे कमियों को सुधार लीजिये, क्योंकि एक छोटा सा छेद ही समुंद्री जहाज के डूबने का कारण बन जाता है
पूरे की ख्वाहिश में इंसान बहुत कुछ खोता है भूल जाता है की आधा चांद भी खूबसूरत होता है
वजूद सबका अपना अपना है सूर्य के सामने दीपक का ना सही अंधेरे के आगे बहुत कुछ है
“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !
खुशी का पहला उपाय पिछली बातों पर बहुत अधिक विचार करने से बचें
न तो इतने कड़वे बनो की कोई थूक दे और न ही इतने मीठे बनों की कोई निगल जाए.
अपने अंदर के छोटे-छोटे कमियों को सुधार लीजिये, क्योंकि एक छोटा सा छेद ही समुंद्री जहाज के डूबने का कारण बन जाता है