इतने दर्द के बाद भी मुस्कुरा रहा हूँ ए ज़िंदगी देख तुझे कैसे हरा रहा हूँ मैं
कई जीत बाकी है कई हार बाकी है, अभी तो जिंदगी का सार बाकी है। यहां से चले हैं नई मंजिल के लिए, यह तो एक पन्ना था अभी तो पुरी किताब बाकी है॥
आत्मविश्वास के साथ आप गगन चूम सकते हैं और आत्मविश्वास के बिना मामूली सी उपलब्धियाँ भी आपकी पकड़ से परे हैं..!!
उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
अगर रास्ता खूबसूरत है तो पता कीजिये किस मंजिल की तरफ जाता है लेकिन अगर मंजिल खूबसूरत हो तो, कभी रास्ते की परवाह मत कीजिये !! मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही मिलता जरूर है!!
सबसे बड़ी रिस्क तब रहती है जब हमें पता नही रहता कि हम क्या कर रहे है
इतने दर्द के बाद भी मुस्कुरा रहा हूँ ए ज़िंदगी देख तुझे कैसे हरा रहा हूँ मैं
कई जीत बाकी है कई हार बाकी है, अभी तो जिंदगी का सार बाकी है। यहां से चले हैं नई मंजिल के लिए, यह तो एक पन्ना था अभी तो पुरी किताब बाकी है॥
आत्मविश्वास के साथ आप गगन चूम सकते हैं और आत्मविश्वास के बिना मामूली सी उपलब्धियाँ भी आपकी पकड़ से परे हैं..!!
उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
अगर रास्ता खूबसूरत है तो पता कीजिये किस मंजिल की तरफ जाता है लेकिन अगर मंजिल खूबसूरत हो तो, कभी रास्ते की परवाह मत कीजिये !! मेहनत का फल और समस्या का हल देर से ही सही मिलता जरूर है!!
सबसे बड़ी रिस्क तब रहती है जब हमें पता नही रहता कि हम क्या कर रहे है