मुर्ख व्यक्ति दुसरो को बरबाद करने की चाहत मैं इतना अँधा हो जाता है की उसको खुद के बर्बाद होने का पता ही नही चलता!

मुर्ख व्यक्ति दुसरो को बरबाद करने की चाहत मैं इतना अँधा हो जाता है की उसको खुद के बर्बाद होने का पता ही नही चलता!

Share:

More Like This

मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।

यूँ ही हर कदम पर मत लड़खड़ाओ कामयाबी पानी है तो संभल जाओ, मत शोर करो अपने प्रयासों का ख़ामोशी से अपनी जिंदगी बदल जाओ।

लक्ष्य कोई “ बड़ा ” नही हारा वही जो “ लड़ा ” नही

सिर्फ दुनिया के सामने जीतने वाला ही "विजेता" नहीं होता, किन "रिश्तों" के सामने कब और कहाँ पर "हारना" है, यह जानने वाला भी विजेता होता है

खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है।

जो मन मे आए उसे खुलकर पूरे मन से करो क्योंकि एक बार जो वक़्त गुजर गया तो वो वक़्त दुबारा नही आने वाला है

मीठे शब्दों से कही गई बात अनेक तरह से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों में कही गई बात अनर्थ का कारण बन जाती है।

यूँ ही हर कदम पर मत लड़खड़ाओ कामयाबी पानी है तो संभल जाओ, मत शोर करो अपने प्रयासों का ख़ामोशी से अपनी जिंदगी बदल जाओ।

लक्ष्य कोई “ बड़ा ” नही हारा वही जो “ लड़ा ” नही

सिर्फ दुनिया के सामने जीतने वाला ही "विजेता" नहीं होता, किन "रिश्तों" के सामने कब और कहाँ पर "हारना" है, यह जानने वाला भी विजेता होता है

खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है।

जो मन मे आए उसे खुलकर पूरे मन से करो क्योंकि एक बार जो वक़्त गुजर गया तो वो वक़्त दुबारा नही आने वाला है