मुर्ख व्यक्ति दुसरो को बरबाद करने की चाहत मैं इतना अँधा हो जाता है की उसको खुद के बर्बाद होने का पता ही नही चलता!

मुर्ख व्यक्ति दुसरो को बरबाद करने की चाहत मैं इतना अँधा हो जाता है की उसको खुद के बर्बाद होने का पता ही नही चलता!

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जीभ पर लगी चोट जल्दी ठिक हो जाती है लेकिन जीभ से लगी चोट कभी ठिक नहीं होती .

कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयम से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा. और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें,तभी आगे बढें

चाणक्य

जीवन मे पछतावा करना छोडो कुछ ऐसा करो कि लोग तुम्हें छोड़ देने पर पछताए।

एक दिन में जितना मोबाइल चलाते हो..उतना ही दिमाग चलाओगे तो ज़िन्दगी में बहुत आगे जाओगे

सबसे बेहतरीन नजऱ वो है, जो अपनी कमियों को देख सके।

सुखी सिर्फ वहीं रह सकता है जो जान गया हो कि दुनिया में हर किसी के पास गम है

जीभ पर लगी चोट जल्दी ठिक हो जाती है लेकिन जीभ से लगी चोट कभी ठिक नहीं होती .

कोई काम शुरू करने से पहले, स्वयम से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ, इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होऊंगा. और जब गहरई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें,तभी आगे बढें

चाणक्य

जीवन मे पछतावा करना छोडो कुछ ऐसा करो कि लोग तुम्हें छोड़ देने पर पछताए।

एक दिन में जितना मोबाइल चलाते हो..उतना ही दिमाग चलाओगे तो ज़िन्दगी में बहुत आगे जाओगे

सबसे बेहतरीन नजऱ वो है, जो अपनी कमियों को देख सके।

सुखी सिर्फ वहीं रह सकता है जो जान गया हो कि दुनिया में हर किसी के पास गम है