मुर्ख व्यक्ति दुसरो को बरबाद करने की चाहत मैं इतना अँधा हो जाता है की उसको खुद के बर्बाद होने का पता ही नही चलता!

मुर्ख व्यक्ति दुसरो को बरबाद करने की चाहत मैं इतना अँधा हो जाता है की उसको खुद के बर्बाद होने का पता ही नही चलता!

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दुनिया में कोई भी चीज़ कितनी भी कीमती क्यों न हो। परन्तु.... नींद,शांति,और आनन्द से बढ़कर कुछ भी नही

सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे

कल के लिए सबसे अच्छी तैयारी यही है कि आज अच्छा करो

लाख दलदल हो पाँव जमाए रखिये, हाथ खाली ही सही ऊपर उठाये रखिये, कौन कहता है छलनी में पानी रुक नहीं सकता, बर्फ बनने तक हौसला बनाये रखिये

दुनिया में अधिकांश महत्वपूर्ण चीजें उन लोगों द्वारा पूरी की गई जिन्होंने तब कोशिश की जब कोई उम्मीद नहीं थी

खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है. खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है

दुनिया में कोई भी चीज़ कितनी भी कीमती क्यों न हो। परन्तु.... नींद,शांति,और आनन्द से बढ़कर कुछ भी नही

सुख दुख तो अतिथि है, बारी बारी से आएंगे, चले जाएंगे यदि वह नहीं आएंगे तो, हम अनुभव कहां से लाएंगे

कल के लिए सबसे अच्छी तैयारी यही है कि आज अच्छा करो

लाख दलदल हो पाँव जमाए रखिये, हाथ खाली ही सही ऊपर उठाये रखिये, कौन कहता है छलनी में पानी रुक नहीं सकता, बर्फ बनने तक हौसला बनाये रखिये

दुनिया में अधिकांश महत्वपूर्ण चीजें उन लोगों द्वारा पूरी की गई जिन्होंने तब कोशिश की जब कोई उम्मीद नहीं थी

खुशनसीब वो नहीं. जिसका नसीब अच्छा है. खुशनसीब वो है जो अपने नसीब से खुश है