मुर्ख व्यक्ति दुसरो को बरबाद करने की चाहत मैं इतना अँधा हो जाता है की उसको खुद के बर्बाद होने का पता ही नही चलता!

मुर्ख व्यक्ति दुसरो को बरबाद करने की चाहत मैं इतना अँधा हो जाता है की उसको खुद के बर्बाद होने का पता ही नही चलता!

Share:

More Like This

गलतियों से न सीखना ही एकमात्र गलती होती है

मूर्खो से तारीफ सुनने से बुध्दिमान की डाँट सुनना ज्यादा बेहतर हैं

भीख मांगना मना है सिख नही

चील की ऊँची उड़ान देखकर चिड़िया कभी उदास नही होती वो अपने आस्तित्व में मस्त रहती है मगर इंसान, इंसान की ऊँची उड़ान देखकर बहुत जल्दी चिंता में आ जाते हैं तुलना से बचें और खुश रहें ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़दौड़ मेरी अपनी हैं मंजिलें, मेरी अपनी दौड़

अगर आप हमेशा अहंकार से भरे रहते हैं तो फिर इस दुनिया में आपके लिए सीखने को कुछ भी नहीं है ।

खोई चीज अक्सर वही मिल जाती है, जहां वो खोई है, पर विश्वास वहीं नहीं मिलता जहाँ पर खोया गया था

गलतियों से न सीखना ही एकमात्र गलती होती है

मूर्खो से तारीफ सुनने से बुध्दिमान की डाँट सुनना ज्यादा बेहतर हैं

भीख मांगना मना है सिख नही

चील की ऊँची उड़ान देखकर चिड़िया कभी उदास नही होती वो अपने आस्तित्व में मस्त रहती है मगर इंसान, इंसान की ऊँची उड़ान देखकर बहुत जल्दी चिंता में आ जाते हैं तुलना से बचें और खुश रहें ना किसी से ईर्ष्या, ना किसी से कोई होड़दौड़ मेरी अपनी हैं मंजिलें, मेरी अपनी दौड़

अगर आप हमेशा अहंकार से भरे रहते हैं तो फिर इस दुनिया में आपके लिए सीखने को कुछ भी नहीं है ।

खोई चीज अक्सर वही मिल जाती है, जहां वो खोई है, पर विश्वास वहीं नहीं मिलता जहाँ पर खोया गया था