भरोसा एक रिश्ते की सबसे महंगी शर्त है।
पीछे मुड़कर देखने मे कोई समझदारी नही है जबकि आपके पास आगे देखने के लिए बहुत कुछ है
ईश्वर ने एक पेड़ के दो पत्ते भी एक जैसे नहीं बनाएं हैं!! हर एक की अपनी मौलिकता है दूसरों से ईर्ष्या रखकर आगे बढ़ने के बजाय अपनी मौलिकता खोजें इसी में असली आनंद और समाधान है
चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।
पहले जैसा रंग नही अब जीवन की रंगोली में ना जाने कितना ज़हर भरा है लोगो की बोली में
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है
भरोसा एक रिश्ते की सबसे महंगी शर्त है।
पीछे मुड़कर देखने मे कोई समझदारी नही है जबकि आपके पास आगे देखने के लिए बहुत कुछ है
ईश्वर ने एक पेड़ के दो पत्ते भी एक जैसे नहीं बनाएं हैं!! हर एक की अपनी मौलिकता है दूसरों से ईर्ष्या रखकर आगे बढ़ने के बजाय अपनी मौलिकता खोजें इसी में असली आनंद और समाधान है
चंचल चित वाले के कार्य कभी समाप्त नहीं होते।
पहले जैसा रंग नही अब जीवन की रंगोली में ना जाने कितना ज़हर भरा है लोगो की बोली में
कुछ लोग आपसे नफरत इसलिए करने लगते है क्योंकि आपकी सही बात उसे कड़वी लग जाती है