मदद करने के लिए केवल धन की जरूरत नहीं होती उसके लिए एक अच्छे मन की जरूरत भी होती है
जबरदस्ती मत मांगना ज़िन्दगी में किसी का साथ, जो खुद चलकर आये उसकी खुशी ही कुछ और होती है
कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है
जिन्दगी की हर सुबह कुछ शर्ते लेके आती है। और जिन्दगी की हर शाम कुछ तर्जुबे देके जाती है।
इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।
किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है
मदद करने के लिए केवल धन की जरूरत नहीं होती उसके लिए एक अच्छे मन की जरूरत भी होती है
जबरदस्ती मत मांगना ज़िन्दगी में किसी का साथ, जो खुद चलकर आये उसकी खुशी ही कुछ और होती है
कोई किसी को सिखा नही सकता जब खुद में इच्छा जागती है तभी कोई सिख पाता है
जिन्दगी की हर सुबह कुछ शर्ते लेके आती है। और जिन्दगी की हर शाम कुछ तर्जुबे देके जाती है।
इज़्ज़त, मोहब्बत, तारीफ़ और दुआ...माँगी नहीं जाती, कमाई जाती है...।।
किसी पर कभी भी बहुत ज्यादा निर्भर ना रहे क्योकि अंधेरो में परछाई भी साथ छोड़ देती है