मुर्ख व्यक्ति दुसरो को बरबाद करने की चाहत मैं इतना अँधा हो जाता है की उसको खुद के बर्बाद होने का पता ही नही चलता!

मुर्ख व्यक्ति दुसरो को बरबाद करने की चाहत मैं इतना अँधा हो जाता है की उसको खुद के बर्बाद होने का पता ही नही चलता!

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मेरी मंजिल मेरे करीब है इसका मुझे एहसास है घमण्ड नहीं मुझे अपने इरादों पर ये मेरी सोच और हौसले का विश्वास है

समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

सामने हो मंजिल तो रास्ते न मोड़ना, जो भी मन में हो वो सपना न तोड़ना कदम कदम पे मिलेगी मुश्किल आपको, बस सितारे चुनने के लिए जमीन मत छोड़ना

मन में उतरना और मन से उतरना केवल आपके व्यवहार पर निर्भर करता है

भरोसा एक रिश्ते की सबसे महंगी शर्त है।

जो कर्म करने के बाद भी फल की इच्छा नही करता उसकी मदद करने के लिए तो खुद भगवान को रास्ता बनाना पड़ता है

मेरी मंजिल मेरे करीब है इसका मुझे एहसास है घमण्ड नहीं मुझे अपने इरादों पर ये मेरी सोच और हौसले का विश्वास है

समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

सामने हो मंजिल तो रास्ते न मोड़ना, जो भी मन में हो वो सपना न तोड़ना कदम कदम पे मिलेगी मुश्किल आपको, बस सितारे चुनने के लिए जमीन मत छोड़ना

मन में उतरना और मन से उतरना केवल आपके व्यवहार पर निर्भर करता है

भरोसा एक रिश्ते की सबसे महंगी शर्त है।

जो कर्म करने के बाद भी फल की इच्छा नही करता उसकी मदद करने के लिए तो खुद भगवान को रास्ता बनाना पड़ता है