मुर्ख व्यक्ति दुसरो को बरबाद करने की चाहत मैं इतना अँधा हो जाता है की उसको खुद के बर्बाद होने का पता ही नही चलता!

मुर्ख व्यक्ति दुसरो को बरबाद करने की चाहत मैं इतना अँधा हो जाता है की उसको खुद के बर्बाद होने का पता ही नही चलता!

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सब्र एक ऐसी सवारी है, जो अपने सवार को कभी गिरने नहीं देती, ना किसी के कदमों में, ना किसी के नजरों में

समय का ध्यान नहीं रखने वाला व्यक्ति अपने जीवन में निर्विघ्न नहीं रहता।

लाइफ में गिरना बहुत जरूरी है क्योंकि गिरने के बाद ऊपर उठने के अलावा दूसरा कोई ऑप्शन नही बचता

आपको दिशा-निर्देशों की आवश्यकता नहीं है, बस अपने आप को टॉप पर देखो और चलते जाओ!

“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

यदि हम असफलता से शिक्षा प्राप्त करते हैं तो वह सफलता ही है

सब्र एक ऐसी सवारी है, जो अपने सवार को कभी गिरने नहीं देती, ना किसी के कदमों में, ना किसी के नजरों में

समय का ध्यान नहीं रखने वाला व्यक्ति अपने जीवन में निर्विघ्न नहीं रहता।

लाइफ में गिरना बहुत जरूरी है क्योंकि गिरने के बाद ऊपर उठने के अलावा दूसरा कोई ऑप्शन नही बचता

आपको दिशा-निर्देशों की आवश्यकता नहीं है, बस अपने आप को टॉप पर देखो और चलते जाओ!

“शिक्षक” और “सड़क” दोनों एक जैसे होते हैं खुद जहाँ है वहीं पर रहते हैं मगर दुसरो को उनकी मंजिल तक पहुंचा हीं देते हैं !

यदि हम असफलता से शिक्षा प्राप्त करते हैं तो वह सफलता ही है