पिता की दौलत नही पिता का साया ही काफी होता है...!

पिता की दौलत नही पिता का साया ही काफी होता है...!

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तुम मेरे प्यार की हद क्या जानोगे तुम्हें साँसो से अधिक प्रेम करते है हम ये बात तुम क्या मानोगे।

ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||

तुम कितनी भी दूर क्यू न हो तुम तो हमेशा मेरे दिल के पास हो।

क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।

झुठा प्यार तुम्हें खाता है और सच्चा प्यार तुम्हारा ख्याल रखता है।

प्यार किया नहीं जाता प्यार तो बस हो जाता है।

तुम मेरे प्यार की हद क्या जानोगे तुम्हें साँसो से अधिक प्रेम करते है हम ये बात तुम क्या मानोगे।

ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||

तुम कितनी भी दूर क्यू न हो तुम तो हमेशा मेरे दिल के पास हो।

क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।

झुठा प्यार तुम्हें खाता है और सच्चा प्यार तुम्हारा ख्याल रखता है।

प्यार किया नहीं जाता प्यार तो बस हो जाता है।