पिता की दौलत नही पिता का साया ही काफी होता है...!

पिता की दौलत नही पिता का साया ही काफी होता है...!

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तुम्हारा गुस्सा इतना सुंदर है कि जी करता है तुम्हें बस तंग करता रहु।

क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।

झुठा प्यार तुम्हें खाता है और सच्चा प्यार तुम्हारा ख्याल रखता है।

आज भी मै उस गली से गुजरता हु जिस गली मे तुम्हारे पैरो के निशान छूटे है।

सच्चा प्यार love you, see you कभी नहीं बोलता सच्चा प्यार तो अपना कर्तव्य निभाता है।

किसी को इतना भी मत चाहो कि बाद मे भुलाना मुश्किल हो।

तुम्हारा गुस्सा इतना सुंदर है कि जी करता है तुम्हें बस तंग करता रहु।

क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।

झुठा प्यार तुम्हें खाता है और सच्चा प्यार तुम्हारा ख्याल रखता है।

आज भी मै उस गली से गुजरता हु जिस गली मे तुम्हारे पैरो के निशान छूटे है।

सच्चा प्यार love you, see you कभी नहीं बोलता सच्चा प्यार तो अपना कर्तव्य निभाता है।

किसी को इतना भी मत चाहो कि बाद मे भुलाना मुश्किल हो।