जो तालाबों पर चौकीदारी करते है... वो समंदर पर राज नहीं करते...

जो तालाबों पर चौकीदारी करते है... वो समंदर पर राज नहीं करते...

Share:

More Like This

पैर खिचने से अच्छा है हाथ खिंचिये, क्या पता अपना कोई ऊपर आ जाये !!

जो कर्म करने के बाद भी फल की इच्छा नही करता उसकी मदद करने के लिए तो खुद भगवान को रास्ता बनाना पड़ता है

मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो

दुनिया पर जीत हासिल करने से पहले अपने मन पर जीत हासिल करना जरुरी है

आजादी अच्छी चीज है, लेकिन ? कबूतर को ? आजाद कराने के लिए पिजरे का दरवाजा बिल्ली खोले तो समझदारी पिंजरे में रहने में ही है..!!

मन में नित्य रहने वाले छः शत्रु – काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद तथा मात्सर्य को जो वश में कर लेता है, वह जितेन्द्रिय पुरुष पापों से ही लिप्त नहीं होता, फिर उनसे उत्पन्न होने वाले अनर्थों की तो बात ही क्या है।

पैर खिचने से अच्छा है हाथ खिंचिये, क्या पता अपना कोई ऊपर आ जाये !!

जो कर्म करने के बाद भी फल की इच्छा नही करता उसकी मदद करने के लिए तो खुद भगवान को रास्ता बनाना पड़ता है

मुस्कुराहटें झूठी भी हो सकती है.. इंसान को देखना नही समझना सीखो

दुनिया पर जीत हासिल करने से पहले अपने मन पर जीत हासिल करना जरुरी है

आजादी अच्छी चीज है, लेकिन ? कबूतर को ? आजाद कराने के लिए पिजरे का दरवाजा बिल्ली खोले तो समझदारी पिंजरे में रहने में ही है..!!

मन में नित्य रहने वाले छः शत्रु – काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद तथा मात्सर्य को जो वश में कर लेता है, वह जितेन्द्रिय पुरुष पापों से ही लिप्त नहीं होता, फिर उनसे उत्पन्न होने वाले अनर्थों की तो बात ही क्या है।