इंसान को इंसान के नजरिये से तोलिये दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिये
उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो
उस काम का चयन कीजिये जिसे आप पसंद करते हों, फिर आप पूरी ज़िन्दगी एक दिन भी काम नहीं करंगे
कोई कितना भी झूठा और कपटी हो आपके साथ आप तब भी सच्चे बने रहिए क्योंकि किसी बीमार को देखकर स्वयं को बीमार कर लेना ये समझदारी नही मूर्खता है..
अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते तो Focus अपने काम पर करो लोगो की बातों पर नही
इंसान को इंसान के नजरिये से तोलिये दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिये
उतनी देर तक ही खामोश रहो, जब तक लोग तुम्हें कमजोर न समझे
कभी यह मत सोचो कि आप अकेले हो बल्कि यह सोचो की आप अकेले ही काफी हो
उस काम का चयन कीजिये जिसे आप पसंद करते हों, फिर आप पूरी ज़िन्दगी एक दिन भी काम नहीं करंगे
कोई कितना भी झूठा और कपटी हो आपके साथ आप तब भी सच्चे बने रहिए क्योंकि किसी बीमार को देखकर स्वयं को बीमार कर लेना ये समझदारी नही मूर्खता है..
अगर ज़िन्दगी में सुकून चाहते तो Focus अपने काम पर करो लोगो की बातों पर नही