जिंदगी के हर मोड़ पर हमे वही करना चाहिये..... जो हमारा दिल हमसे कहे, क्योंकि जो दिमाग कहता है वो "मज़बूरी" होती है, और जो दिल कहता है वो "मंजूरी" होती है...
लोगो के मुँह बंद करने से अच्छा है अपने कान बंदकरलो
सुख का ताला केवल और केवल संतुष्टि की चाभी से खुलता है
सिंह से हमें ये सीखना चाहिए कि काम छोटा हो या बड़ा पूरी शक्ति से करे. जिस प्रकार सिंह शिकार छोटा हो या बड़ा वह अपनी पूरी शक्ति से झपटता है.
बुढ़ापे में आपको रोटी आपकी औलाद नहीं आपके दिए संस्कार खिलाएंगे
किसी को झुकाने से पहले सोच लेना पहले आपको झुकना पड़ेगा
जिंदगी के हर मोड़ पर हमे वही करना चाहिये..... जो हमारा दिल हमसे कहे, क्योंकि जो दिमाग कहता है वो "मज़बूरी" होती है, और जो दिल कहता है वो "मंजूरी" होती है...
लोगो के मुँह बंद करने से अच्छा है अपने कान बंदकरलो
सुख का ताला केवल और केवल संतुष्टि की चाभी से खुलता है
सिंह से हमें ये सीखना चाहिए कि काम छोटा हो या बड़ा पूरी शक्ति से करे. जिस प्रकार सिंह शिकार छोटा हो या बड़ा वह अपनी पूरी शक्ति से झपटता है.
बुढ़ापे में आपको रोटी आपकी औलाद नहीं आपके दिए संस्कार खिलाएंगे
किसी को झुकाने से पहले सोच लेना पहले आपको झुकना पड़ेगा