जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है
अधिकांश सफल व्यक्ति जिन्हें मैं जानता हूं वे ऐसे व्यक्ति हैं जो बोलते कम और सुनते ज्यादा हैं
पैर खिचने से अच्छा है हाथ खिंचिये, क्या पता अपना कोई ऊपर आ जाये !!
चिंता उतनी करो की काम हो जाये..इतनी नही की ज़िन्दगी तमाम हो जाये
मुर्ख व्यक्ति उपकार करने वाले का भी अपकार करता है। इसके विपरीत जो इसके विरुद्ध आचरण करता है, वह विद्वान कहलाता है।
अगर तुम सोचते हो कि तुम समय काट रहे हो, तो वहम में हो .. !! क्योंकि तुम समय काट नहीं रहे....... बल्कि यह समय " तुम्हें काट रहा है ।
जिंदगी को सफल बनाने के लिए बातों से नहीं रातों से लड़ना पड़ता है
अधिकांश सफल व्यक्ति जिन्हें मैं जानता हूं वे ऐसे व्यक्ति हैं जो बोलते कम और सुनते ज्यादा हैं
पैर खिचने से अच्छा है हाथ खिंचिये, क्या पता अपना कोई ऊपर आ जाये !!
चिंता उतनी करो की काम हो जाये..इतनी नही की ज़िन्दगी तमाम हो जाये
मुर्ख व्यक्ति उपकार करने वाले का भी अपकार करता है। इसके विपरीत जो इसके विरुद्ध आचरण करता है, वह विद्वान कहलाता है।
अगर तुम सोचते हो कि तुम समय काट रहे हो, तो वहम में हो .. !! क्योंकि तुम समय काट नहीं रहे....... बल्कि यह समय " तुम्हें काट रहा है ।