विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है
दुनिया वो किताब हैं जो कभी नहीं पड़ी जा सकती लेकिन ज़माना वो उस्ताद हैं जो सब कुछ सिखा देता हैं
यदि हम असफलता से शिक्षा प्राप्त करते हैं तो वह सफलता ही है
कोई विश्वास तोड़े तो उसका भी धन्यवाद करें,, वह हमे सिखाते है की,, विश्वास बहुत सोच -समझकर करना चाहिए !!!!
मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
हीरे की काबिलियत रखते हो तो, अँधेरे में चमका करो…रौशनी में तो कांच भी चमका करते है
विश्वाश में वो ताकत है जिससे हम जो चाहे संपत्ति खरीद सकते है
दुनिया वो किताब हैं जो कभी नहीं पड़ी जा सकती लेकिन ज़माना वो उस्ताद हैं जो सब कुछ सिखा देता हैं
यदि हम असफलता से शिक्षा प्राप्त करते हैं तो वह सफलता ही है
कोई विश्वास तोड़े तो उसका भी धन्यवाद करें,, वह हमे सिखाते है की,, विश्वास बहुत सोच -समझकर करना चाहिए !!!!
मानव कितनी भी बनावट करे अंधेरे में "छाया" बुढ़ापे में "काया" और अंत समय में "माया" किसी का साथ नहीं देती
हीरे की काबिलियत रखते हो तो, अँधेरे में चमका करो…रौशनी में तो कांच भी चमका करते है