यदि आप में आत्मविश्वास नहीं है तो आप हमेशा न जीतने का बहाना खोज लेंगे
आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं
एक परवाह ही तो बताती है कि कौन किसका कितना ख्याल रखता है. वरना रिश्तों की गहराइयों को मापने का कोई तराजू नहीं होता है
दान से ही हाथों कि सुन्दरता है न कि कंगन पहनने से. शरीर स्नान से शुद्ध होता है न कि चन्दन लगाने से. तृप्ति मान से होती है न कि भोजन से. मोक्ष ज्ञान से मिलता है न कि श्रृंगार से|
दूसरों की गलती से भी सीखा करो खुद की गलती से सीखने चलोगे तो सफलता जल्दी नहीं मिलेगी
गाय चाहे जो खा ले दूध ही देगी. इसी प्रकार विद्वान कैसा भी आचरण करे, वह निश्चित ही अनुकरणीय होगा, परन्तु यह तथ्य केवल समझदार ही समझ सकते है.
यदि आप में आत्मविश्वास नहीं है तो आप हमेशा न जीतने का बहाना खोज लेंगे
आपका भविष्य उससे बनता है जो आप आज करते हैं कल नहीं
एक परवाह ही तो बताती है कि कौन किसका कितना ख्याल रखता है. वरना रिश्तों की गहराइयों को मापने का कोई तराजू नहीं होता है
दान से ही हाथों कि सुन्दरता है न कि कंगन पहनने से. शरीर स्नान से शुद्ध होता है न कि चन्दन लगाने से. तृप्ति मान से होती है न कि भोजन से. मोक्ष ज्ञान से मिलता है न कि श्रृंगार से|
दूसरों की गलती से भी सीखा करो खुद की गलती से सीखने चलोगे तो सफलता जल्दी नहीं मिलेगी
गाय चाहे जो खा ले दूध ही देगी. इसी प्रकार विद्वान कैसा भी आचरण करे, वह निश्चित ही अनुकरणीय होगा, परन्तु यह तथ्य केवल समझदार ही समझ सकते है.