जब रात को मैंने आकाश की ओर देखा तो हर तारों मे सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता था और जब मैंने अपनी आँखे बंद की तो मेरे मन भी सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता था।
क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।
तुम्हारा गुस्सा इतना सुंदर है कि जी करता है तुम्हें बस तंग करता रहु।
ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||
होश मे रहने वालों तुम्हें क्या खबर बेखुदी क्या चीज है एकबार इश्क करके देखो फिर पता चलेगी मोहब्बत क्या चीज है।
किसी को इतना भी मत चाहो कि बाद मे भुलाना मुश्किल हो।
जब रात को मैंने आकाश की ओर देखा तो हर तारों मे सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता था और जब मैंने अपनी आँखे बंद की तो मेरे मन भी सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता था।
क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।
तुम्हारा गुस्सा इतना सुंदर है कि जी करता है तुम्हें बस तंग करता रहु।
ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||
होश मे रहने वालों तुम्हें क्या खबर बेखुदी क्या चीज है एकबार इश्क करके देखो फिर पता चलेगी मोहब्बत क्या चीज है।
किसी को इतना भी मत चाहो कि बाद मे भुलाना मुश्किल हो।