तन्हा रहना तो सीख लिया, पर खुश ना कभी रह पायेगे, तेरी दूरी तो सह लेता दिल मेरा, पर तेरे प्यार के बिन ना जी पायेंगे।

तन्हा रहना तो सीख लिया, पर खुश ना कभी रह पायेगे, तेरी दूरी तो सह लेता दिल मेरा, पर तेरे प्यार के बिन ना जी पायेंगे।

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अच्छे इंसान मतलबी नहीं होते, बस दूर हो जाते हैं, उन लोगों से जिन्हें उनकी कद्र नहीं होती....

मोत से पहेले भी ऎक मौत होती हे..! देखो जरा तुम जुदा होकर किसी से..!

सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम

उसे ये कोन बतलाये, उसे ये कोन समझाए कि खामोश रहने से ताल्लुक टूट जाते है

मैं मर भी जाऊँ तोह उसे खबर न देना कही वक़्त न बर्बाद हो जाये उसका

क्या गिला करें उन बातों से​ ​क्या शिक़वा करें उन रातों से​​​ ​​कहें भला किसकी खता इसे हम​ ​​कोई खेल गया फिर से जज़बातों से

अच्छे इंसान मतलबी नहीं होते, बस दूर हो जाते हैं, उन लोगों से जिन्हें उनकी कद्र नहीं होती....

मोत से पहेले भी ऎक मौत होती हे..! देखो जरा तुम जुदा होकर किसी से..!

सफर में कही तो दगा खा गए हम जहाँ से चले थे वही आ गए हम

उसे ये कोन बतलाये, उसे ये कोन समझाए कि खामोश रहने से ताल्लुक टूट जाते है

मैं मर भी जाऊँ तोह उसे खबर न देना कही वक़्त न बर्बाद हो जाये उसका

क्या गिला करें उन बातों से​ ​क्या शिक़वा करें उन रातों से​​​ ​​कहें भला किसकी खता इसे हम​ ​​कोई खेल गया फिर से जज़बातों से