वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
तुमको भी कहाँ जरूरत है मेरी, तुम्हारे लिये तो मैं भी बिछड़ा हुआ जमाना हूँ.....!!
खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
उदास छोड़ गया वो मुझको, खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से ..!!
वो हाल भी ना पूछ सके...हमे..बे-हाल देख कर......हम हाल भी...ना बता सके... उसे खुश-हाल देख कर.......
वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
तुमको भी कहाँ जरूरत है मेरी, तुम्हारे लिये तो मैं भी बिछड़ा हुआ जमाना हूँ.....!!
खामोशियां बेवजह नहीं होती, कुछ दर्द आवाज छीन लिया करते हैं.
उदास छोड़ गया वो मुझको, खील उठता था मैं जिसके मुस्कुराने से ..!!
वो हाल भी ना पूछ सके...हमे..बे-हाल देख कर......हम हाल भी...ना बता सके... उसे खुश-हाल देख कर.......
वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !