तन्हा रहना तो सीख लिया, पर खुश ना कभी रह पायेगे, तेरी दूरी तो सह लेता दिल मेरा, पर तेरे प्यार के बिन ना जी पायेंगे।

तन्हा रहना तो सीख लिया, पर खुश ना कभी रह पायेगे, तेरी दूरी तो सह लेता दिल मेरा, पर तेरे प्यार के बिन ना जी पायेंगे।

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दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है

अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!

मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही, अब रातों को जागना अच्छा लगता है…

प्यार था और रहेगा भी..लेकिन बस अब बार बार टूटने की हिम्मत खत्म हो गयी है डर में नही जी सकते के कब कौन बीच रास्ते साथ छोड़ जाए अकेले का सफर कठिन है जानती हूँ पर किसी के साथ रहकर भी तन्हा महसूस करना ज़्यादा बुरा लगता है ?

एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं

बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।

दर्द सिर का हो या दिल का..दोनों बहुत बुरे होते है

अब तो वक्त ही उसे बतायेगा, की कितने कीमती थे हम !!

मुझे भी अब नींद की तलब नहीं रही, अब रातों को जागना अच्छा लगता है…

प्यार था और रहेगा भी..लेकिन बस अब बार बार टूटने की हिम्मत खत्म हो गयी है डर में नही जी सकते के कब कौन बीच रास्ते साथ छोड़ जाए अकेले का सफर कठिन है जानती हूँ पर किसी के साथ रहकर भी तन्हा महसूस करना ज़्यादा बुरा लगता है ?

एक घुटन सी होती है जीने में जब कोई दिल में तो रहता है पर साथ नहीं

बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।