काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
वो हाल भी ना पूछ सके...हमे..बे-हाल देख कर......हम हाल भी...ना बता सके... उसे खुश-हाल देख कर.......
जो कहते थे मुझे डर है कहीं मैं खो न दूँ तुम्हे, सामना होने पर मैंने उन्हें चुपचाप गुजरते देखा है... !!
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
अधूरी ख़्वाहिश बनकर न रह जाना तुम ....दुबारा आने का इरादा नहीँ रखते हैं हम !!
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
वो हाल भी ना पूछ सके...हमे..बे-हाल देख कर......हम हाल भी...ना बता सके... उसे खुश-हाल देख कर.......
जो कहते थे मुझे डर है कहीं मैं खो न दूँ तुम्हे, सामना होने पर मैंने उन्हें चुपचाप गुजरते देखा है... !!
वो मन बना चुके थे दूर जाने का, हमे लगा हमे मनाना नहीं आता
अधूरी ख़्वाहिश बनकर न रह जाना तुम ....दुबारा आने का इरादा नहीँ रखते हैं हम !!
आज सारा दिन उदास गुजर गया, अभी रात की सजा बाकि है....