इंसान को इंसान के नजरिये से तोलिये दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिये
पलट कर जबाव देना बेशक गलत बात है l लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदें भूल जाते हैं ll"
कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
जीवन मे कभी भी उसे प्राथमिकता मत दो जो तुम्हे केवल एक विकल्प समझता हो
दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।
इंसान को इंसान के नजरिये से तोलिये दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिये
पलट कर जबाव देना बेशक गलत बात है l लेकिन सुनते रहो तो लोग बोलने की हदें भूल जाते हैं ll"
कठिन परिस्थितियों में संघर्ष करने पर एक बहुमूल्य संपत्ति विकसित होती है, जिसका नाम है
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
जीवन मे कभी भी उसे प्राथमिकता मत दो जो तुम्हे केवल एक विकल्प समझता हो
दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।