हर बार जब आप क्रोधित होते हैं, तब आप अपनी ही प्रणाली में ज़हर घोलते हैं।
यदि सामने वाल गुस्से में हैं, तो आप चुप रहिए…वह थोड़ी देर बाद ख़ुद चुप हो जाएगा…
नखरे तो सिर्फ मम्मी पापा उठाते है, दुनिया वाले तो बस ऊँगली उठाते है…
सपने हमेशा बडे रखो दोस्तो सोच तो लोगों की छोटी है..
एक क्रोधित व्यक्ति अपना मुंह खोल लेता है और आँख बंद कर लेता है.
क्रोध पर काबू पाने के लिए सदैव उसे फल के विषय में चिन्तन करना चाहिए…
हर बार जब आप क्रोधित होते हैं, तब आप अपनी ही प्रणाली में ज़हर घोलते हैं।
यदि सामने वाल गुस्से में हैं, तो आप चुप रहिए…वह थोड़ी देर बाद ख़ुद चुप हो जाएगा…
नखरे तो सिर्फ मम्मी पापा उठाते है, दुनिया वाले तो बस ऊँगली उठाते है…
सपने हमेशा बडे रखो दोस्तो सोच तो लोगों की छोटी है..
एक क्रोधित व्यक्ति अपना मुंह खोल लेता है और आँख बंद कर लेता है.
क्रोध पर काबू पाने के लिए सदैव उसे फल के विषय में चिन्तन करना चाहिए…