उनका बादा भी अजीब था - बोले जिन्दगी भर साथ निभाएंगे, पर पागल हम थे - ये पूछना भूल ही गए के मोहबत के साथ या यादो के साथ !
अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये
काश ! वो सुबह नींद से जागे तो मुझसे लड़ने आए, कि तुम होते कौन हो मेरे ख़्वाबों में आने वाले
आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गई थी तेरा होने में.
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
यक़ीं न आए तो इक बार पूछ कर देखो जो हँस रहा है वो ज़ख़्मों से चूर निकलेगा...
उनका बादा भी अजीब था - बोले जिन्दगी भर साथ निभाएंगे, पर पागल हम थे - ये पूछना भूल ही गए के मोहबत के साथ या यादो के साथ !
अब मुझे रास आ गई है तन्हाइयाँ... आप अपने वक़्त का अचार डाल लिजिये
काश ! वो सुबह नींद से जागे तो मुझसे लड़ने आए, कि तुम होते कौन हो मेरे ख़्वाबों में आने वाले
आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं.. की क्या कमी रह गई थी तेरा होने में.
नसीब का सब खेल है वरना मोहब्बत तो हम भी दीवाने की तरह किये थे.
यक़ीं न आए तो इक बार पूछ कर देखो जो हँस रहा है वो ज़ख़्मों से चूर निकलेगा...