रात नई हैं, यादें पुरानी!
बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये
काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!
तुमको भी कहाँ जरूरत है मेरी, तुम्हारे लिये तो मैं भी बिछड़ा हुआ जमाना हूँ.....!!
“जो रहते हैं दिल में, वो जुदा नही होते, कुछ अहसास लफ़्ज़ों में बयान नही होते
कुछ इस तरह खूबसूरत रिश्ते टूट जाया करते हैं जब दिल भर जाता है तो लोग अक्सर रूठ जाया करते हैं
रात नई हैं, यादें पुरानी!
बहुत याद आते हो तुम, दुआ करो मेरी यादाश्ति चली जाये
काश ये दिल बेजान होता…न किसी के आने से धडकता…न किसी के जाने से तडपता…!
तुमको भी कहाँ जरूरत है मेरी, तुम्हारे लिये तो मैं भी बिछड़ा हुआ जमाना हूँ.....!!
“जो रहते हैं दिल में, वो जुदा नही होते, कुछ अहसास लफ़्ज़ों में बयान नही होते
कुछ इस तरह खूबसूरत रिश्ते टूट जाया करते हैं जब दिल भर जाता है तो लोग अक्सर रूठ जाया करते हैं