काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालो ने ही… वरना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहाँ थी...
वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !
बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।
उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है
सुना था हमने दर्द अक्सर बेदर्द लोग देते हैं मगर हमारी दुनिया उजाड़ी है एक मासूम चेहरे ने
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
बदल दिया है मुझे मेरे चाहने वालो ने ही… वरना मुझ जैसे शख्स में इतनी खामोशी कहाँ थी...
वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !
बहुत कुछ लिखना है पर लफ्ज़ खामोश है।
उस हंसती हुई तस्वीर को क्या मालूम की कोई उसे देख कितने रोता है
सुना था हमने दर्द अक्सर बेदर्द लोग देते हैं मगर हमारी दुनिया उजाड़ी है एक मासूम चेहरे ने