हो सकता है कि मेरे निर्णयों से कई लोग दुःखी हो लेकिन मैं उस व्यक्ति के रूप मैं पहचाना जाना चाहता जाता हूँ जिसने कभी किसी भी परिस्थिति मैं सही काम को सही ढंग से करने के लिए समझौता नहीं किया|

हो सकता है कि मेरे निर्णयों से कई लोग दुःखी हो लेकिन मैं उस व्यक्ति के रूप मैं पहचाना जाना चाहता जाता हूँ जिसने कभी किसी भी परिस्थिति मैं सही काम को सही ढंग से करने के लिए समझौता नहीं किया|

रतन टाटा
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झूठ का भी अजीब 'जायका' है स्वयं बोलो तो मीठा' लगता है कोई और बोले तो 'कड़वा'

आते है दिन हर किसीके बेहतर, जिंदगी के समंदर में हमेशा तुफान नहीं रहते !!

क़दर तो वो होती है जो किसी की मौजूदगी में हो, जो किसी के बाद हो.... उसे पछतावा कहते हैं ।

छाता ओर दिमाग तभी काम करते है जब वो खुले हो बंद होने पर दोनों बोझ लगते है

जीवन मैं एक बार जो फैसला कर लो तो फिर पीछे मुड़कर मत देखना क्योंकि पलट कर देखने वाले इतिहास नहीं बनाते

किसी का जवाब ना आना भी एक जवाब ही है की अब वो इंसान आपके साथ नही रहना चाहता आप भी समझदारी के साथ फैसला लीजिये और उसे उसके हाल पर छोड़ दीजिए.

झूठ का भी अजीब 'जायका' है स्वयं बोलो तो मीठा' लगता है कोई और बोले तो 'कड़वा'

आते है दिन हर किसीके बेहतर, जिंदगी के समंदर में हमेशा तुफान नहीं रहते !!

क़दर तो वो होती है जो किसी की मौजूदगी में हो, जो किसी के बाद हो.... उसे पछतावा कहते हैं ।

छाता ओर दिमाग तभी काम करते है जब वो खुले हो बंद होने पर दोनों बोझ लगते है

जीवन मैं एक बार जो फैसला कर लो तो फिर पीछे मुड़कर मत देखना क्योंकि पलट कर देखने वाले इतिहास नहीं बनाते

किसी का जवाब ना आना भी एक जवाब ही है की अब वो इंसान आपके साथ नही रहना चाहता आप भी समझदारी के साथ फैसला लीजिये और उसे उसके हाल पर छोड़ दीजिए.