कोई भी व्यक्ति बहुत ज्यादा बोलते रहने से कुछ नहीं सीख पाता| समझदार व्यक्ति वही कहलाता है जोकि धीरज रखने वाला, क्रोधित न होने वाला और निडर होता है|

कोई भी व्यक्ति बहुत ज्यादा बोलते रहने से कुछ नहीं सीख पाता| समझदार व्यक्ति वही कहलाता है जोकि धीरज रखने वाला, क्रोधित न होने वाला और निडर होता है|

गौतम बुद्ध
Share:

More Like This

जीवन मैं एक बार जो फैसला कर लो तो फिर पीछे मुड़कर मत देखना क्योंकि पलट कर देखने वाले इतिहास नहीं बनाते

रिश्तों की खूबसूरती एक दूसरे की बात समझने में है ख़ुद जैसा इंसान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।

जैसे फलों में गंध, तिलों में तेल, काष्ठ में अग्नि, दुग्ध में घी, गन्ने में गुड़ है, उसी तरह शरीर में परमात्मा है. इसे पहचानना चाहिए.

सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.

एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।

किसी वृक्ष को काटने के लिए आप मुझे छ: घंटे दीजिये और मैं पहले चार घंटे कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाऊंगा

अब्राहम लिंकन

जीवन मैं एक बार जो फैसला कर लो तो फिर पीछे मुड़कर मत देखना क्योंकि पलट कर देखने वाले इतिहास नहीं बनाते

रिश्तों की खूबसूरती एक दूसरे की बात समझने में है ख़ुद जैसा इंसान तलाश करोगे तो अकेले रह जाओगे।

जैसे फलों में गंध, तिलों में तेल, काष्ठ में अग्नि, दुग्ध में घी, गन्ने में गुड़ है, उसी तरह शरीर में परमात्मा है. इसे पहचानना चाहिए.

सबसे बड़ा गुरु ठोकर हैं खाते जाओगे सीखते जाओगे.

एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।

किसी वृक्ष को काटने के लिए आप मुझे छ: घंटे दीजिये और मैं पहले चार घंटे कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाऊंगा

अब्राहम लिंकन