किसी वृक्ष को काटने के लिए आप मुझे छ: घंटे दीजिये और मैं पहले चार घंटे कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाऊंगा
अगर ईश्वर ने आपको नई शुरुआत करने का मौका दिया है, फिर पुरानी गलतियों को मत दोहराए
अगर कोई पसंद आ जाए तो दूसरों से नहीं पूछना चाहिए वो कैसा है
काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.
इंतजार मत करिए सही समय कभी नहीं आएग
यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।
किसी वृक्ष को काटने के लिए आप मुझे छ: घंटे दीजिये और मैं पहले चार घंटे कुल्हाड़ी की धार तेज करने में लगाऊंगा
अगर ईश्वर ने आपको नई शुरुआत करने का मौका दिया है, फिर पुरानी गलतियों को मत दोहराए
अगर कोई पसंद आ जाए तो दूसरों से नहीं पूछना चाहिए वो कैसा है
काम मनुष्य का सबसे बड़ा रोग है. अज्ञान या मोह सबसे बड़ा शत्रु है. क्रोध मनुष्य को जला देने वाली भयंकर अग्नि है तथा आत्मज्ञान ही परम सुख है.
इंतजार मत करिए सही समय कभी नहीं आएग
यदि सफल होना चाहते हो, तो पहले अपने ‘अभिमान’ को नाश कर डालो ।