एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
सबसे बेहतरीन नजऱ वो है, जो अपनी कमियों को देख सके।
रोना बंद करो और अपनी तकलीफों से खुद लड़ना सीखो क्योंकि साथ देने वाले भी शमशान से आगे नही जाते..
ज्ञान से बढ़कर कोई दूसरा गुरु नहीं, काम-वासना के समान कोई दूसरा रोग नहीं, क्रोध के समान कोई आग नहीं और अज्ञानता के जैसा शत्रु कोई नहीं.
अवसर का इंतजार नही निर्माण करना सीखो
एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
सबसे बेहतरीन नजऱ वो है, जो अपनी कमियों को देख सके।
रोना बंद करो और अपनी तकलीफों से खुद लड़ना सीखो क्योंकि साथ देने वाले भी शमशान से आगे नही जाते..
ज्ञान से बढ़कर कोई दूसरा गुरु नहीं, काम-वासना के समान कोई दूसरा रोग नहीं, क्रोध के समान कोई आग नहीं और अज्ञानता के जैसा शत्रु कोई नहीं.
अवसर का इंतजार नही निर्माण करना सीखो