खुद को अपनी नजरों से गिराना छोड़ दो, जब लोग तुम्हें ना
जरूरत से ज्यादा सोचना भी इंसान की
खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है
खुद की समझदारी भी
झूठी कसम से इंसान तो नही मरता मगर भरोसा जरूर मर जाता है
दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये
खुद को अपनी नजरों से गिराना छोड़ दो, जब लोग तुम्हें ना
जरूरत से ज्यादा सोचना भी इंसान की
खूबी और खामी दोनो ही होती है लोगों में आप क्या तलाशते हो ये महत्वपूर्ण है
खुद की समझदारी भी
झूठी कसम से इंसान तो नही मरता मगर भरोसा जरूर मर जाता है
दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये