अगर वाकई में तुमको कामयाब होना है तो अपने बीते कल में जीना छोड़ दो
मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
आर्थिक स्थिति चाहे कितनी भी अच्छी हो, जीवन का सही आनंद लेने के लिए मानसिक स्थिति का अच्छा होना बहुत जरूरी है
भावनाएं इंसान को इंसान से जोड़ती हैं. दूर रहने वाला भी यदि हमारा प्रिय है तो वह हमेशा दिल के पास रहता है, जबकि पास रहने वाला भी हमारे दिल से कोसों दूर ही रहता है क्योंकि उसके लिए हमारे दिल में जगह नहीं होती.
पीछे देखने पर अफसोस हो सकता है लेकिन आगे देखने पर हमेशा अवसर ही दिखाई देंगे
अगर वाकई में तुमको कामयाब होना है तो अपने बीते कल में जीना छोड़ दो
मित्रों से समागम, अधिक धन की प्राप्ति, पुत्र का आलिंगन, मैथुन में प्रवृत्ति, समय पर प्रिय वचन बोलना, अपने वर्ग के लोगों में उन्नति, अभीष्ट वस्तु की प्राप्ति और समाज में सम्मान – ये आठ हर्ष के सार दिखाई देते हैं और ये ही लौकिक सुख के साधन भी होते हैं।
पहले निश्चय करिएँ, फिर कार्य आरम्भ करें।
आर्थिक स्थिति चाहे कितनी भी अच्छी हो, जीवन का सही आनंद लेने के लिए मानसिक स्थिति का अच्छा होना बहुत जरूरी है
भावनाएं इंसान को इंसान से जोड़ती हैं. दूर रहने वाला भी यदि हमारा प्रिय है तो वह हमेशा दिल के पास रहता है, जबकि पास रहने वाला भी हमारे दिल से कोसों दूर ही रहता है क्योंकि उसके लिए हमारे दिल में जगह नहीं होती.
पीछे देखने पर अफसोस हो सकता है लेकिन आगे देखने पर हमेशा अवसर ही दिखाई देंगे