चाहे कितना भी बदल जाए ज़माने का चलन हमने कभी झूठ से सच्चाई को हारते नहीं देखा

चाहे कितना भी बदल जाए ज़माने का चलन हमने कभी झूठ से सच्चाई को हारते नहीं देखा

Share:

More Like This

किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो

समझदार व्यक्ति अपनी समझदारी की वजह से चुप हो जाता है और मूर्ख को लगता है कि मेरे डर की वजह से चुप हो गया

कड़ी मेहनत और खुदा की रहमत इंसान को गिरने नही देती...

जीवन वो फूल है, जिसमें कांटे तो बहुत है, मगर सौन्दर्य की भी कोई कमी नहीं

बोलकर सोचने से बेहतर है सोचकर बोलना

दूसरों का सहारा लेने पर व्यक्ति का स्वयं का अस्तित्व गौण हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय होने पर चंद्रमा का प्रकाश अपनी चमक खो बैठता है. अतः महान वही है जो अपने बल पर खड़ा है.

किसी ने एक छोटी भूल की और हम ने वो

समझदार व्यक्ति अपनी समझदारी की वजह से चुप हो जाता है और मूर्ख को लगता है कि मेरे डर की वजह से चुप हो गया

कड़ी मेहनत और खुदा की रहमत इंसान को गिरने नही देती...

जीवन वो फूल है, जिसमें कांटे तो बहुत है, मगर सौन्दर्य की भी कोई कमी नहीं

बोलकर सोचने से बेहतर है सोचकर बोलना

दूसरों का सहारा लेने पर व्यक्ति का स्वयं का अस्तित्व गौण हो जाता है, जिस प्रकार सूर्योदय होने पर चंद्रमा का प्रकाश अपनी चमक खो बैठता है. अतः महान वही है जो अपने बल पर खड़ा है.