न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम
ऐसे बनो की तुम नहीं वो तुम्हे खोने से डरे
हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी
आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..
खुशी से संतुष्टि मिलती है और संतुष्टि से खुशी मिलती है परन्तु फर्क बहुत बड़ा है “खुशी” थोड़े समय के लिए संतुष्टि देती है, और “संतुष्टि” हमेशा के लिए खुशी देती है
धोखा बहुत मिल गया अब मौके की तलाश है
न इश्क़ न गम देखो कितने खुश हे हम
ऐसे बनो की तुम नहीं वो तुम्हे खोने से डरे
हम अपनी औकात जानते है कहो तो आपकी याद दिला दी
आग लगाने वालो को कहाँ खबर , रुख हवाओ ने बदला तो खाक वो भी होंगे ..
खुशी से संतुष्टि मिलती है और संतुष्टि से खुशी मिलती है परन्तु फर्क बहुत बड़ा है “खुशी” थोड़े समय के लिए संतुष्टि देती है, और “संतुष्टि” हमेशा के लिए खुशी देती है
धोखा बहुत मिल गया अब मौके की तलाश है