मुझे हजारो मैं वो शक्स चाहिए जो मेरी "अनुपस्थिति" मैं मेरी बुराई न सुन सके...

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ये जो तुम कहते रहते हो न की खुश रहा करो तो फिर सुन लो हमेशा मेरे पास रहा करो

उसकी मुहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब है, अपना भी नहीं बनाती और किसी का होने भी नहीं देती

तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?

जब मेरे पास कोई नही था..तब मेरा साथ निभाने का शुक्रिया

इन आंखों की गुस्ताखी तो देखिए, तुम से आंखें मिलाने के बाद कुछ और देखने को राजी ही नहीं .

कहतें हैं कि मोहबत एक बार होती है..पर मैं जब जब उसे देखता हूँ..मुझे हर बार होती है॥

ये जो तुम कहते रहते हो न की खुश रहा करो तो फिर सुन लो हमेशा मेरे पास रहा करो

उसकी मुहब्बत का सिलसिला भी क्या अजीब है, अपना भी नहीं बनाती और किसी का होने भी नहीं देती

तुम होते कौन हो मुझसे बिछड़ने वाले ?

जब मेरे पास कोई नही था..तब मेरा साथ निभाने का शुक्रिया

इन आंखों की गुस्ताखी तो देखिए, तुम से आंखें मिलाने के बाद कुछ और देखने को राजी ही नहीं .

कहतें हैं कि मोहबत एक बार होती है..पर मैं जब जब उसे देखता हूँ..मुझे हर बार होती है॥