हम तो आईना हैं और आईना ही रहेंगे, फ़िक्र वो करे जिनकी शक्लें ख़राब है।
अकड़ तोड़नी है उन्न मंज़िलों की, जिनको अपनी ऊंचाई पर गुरुर है !!
वो लोग अच्छे वक़्त में तुम्हारे साथ रहने के काबिल नहीं है जिन्होंने तुम्हारे बुरे वक़्त में तुम्हारा साथ छोड़ दिया था।
बुरे दिनो का एक अच्छा फायदा अच्छे-अच्छे दोस्त परखे जाते है।
बीते कल का अफ़सोस और आने वाले कल की चिंता, ये दोनों ऐसे चोर है जो हमारे आज की खुशियाँ चुरा लेते है !!
इज्जत किसी इंसान की नहीं होती हैं, ज़रूरत की होती हैं. ज़रूरत खत्म तो इज्जत खत्म
हम तो आईना हैं और आईना ही रहेंगे, फ़िक्र वो करे जिनकी शक्लें ख़राब है।
अकड़ तोड़नी है उन्न मंज़िलों की, जिनको अपनी ऊंचाई पर गुरुर है !!
वो लोग अच्छे वक़्त में तुम्हारे साथ रहने के काबिल नहीं है जिन्होंने तुम्हारे बुरे वक़्त में तुम्हारा साथ छोड़ दिया था।
बुरे दिनो का एक अच्छा फायदा अच्छे-अच्छे दोस्त परखे जाते है।
बीते कल का अफ़सोस और आने वाले कल की चिंता, ये दोनों ऐसे चोर है जो हमारे आज की खुशियाँ चुरा लेते है !!
इज्जत किसी इंसान की नहीं होती हैं, ज़रूरत की होती हैं. ज़रूरत खत्म तो इज्जत खत्म