जिस दिन आपने सोच लिया कि अपने ज्ञान पा लिया है, उस दिन आपकी मृत्यु हो जाती है क्योकि अब न कोई आश्चर्य होगा, ना कोई आनंद और ना कोई अचरज अब आप एक मृत जीवन जियेंगे

जिस दिन आपने सोच लिया कि अपने ज्ञान पा लिया है, उस दिन आपकी मृत्यु हो जाती है क्योकि अब न कोई आश्चर्य होगा, ना कोई आनंद और ना कोई अचरज अब आप एक मृत जीवन जियेंगे

ओशो
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ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं

जो कभी उद्यंडका-सा वेष नहीं बनाता, दूसरों के सामने अपने पराक्रम की डींग नही हांकता, क्रोध से व्याकुल होने पर भी कटुवचन नहीं बोलता, उस मनुष्य को लोग सदा ही प्यारा बना लेते हैं।

लिबास कितना भी किमती हो घटीया किरदार को छुपा नहीं सकता

ऊँचा उठने के लिए पंखों की जरुरत केवल पक्षियों को ही पड़ती है.. मनुष्य तो जितना विनम्रता से झुकता है उतना ही ऊपर उठता है।।

अपने खराब मूड के समय बुरे शब्द ना बोलें, क्योंकि.. खराब मूड को बदलने के बहुत मौके मिलेंगें पर शब्दों को बदलने के मोके नहीं...मिलेंगे

काबिलियत इतनी बढ़ाओ की तुम्हे हराने के लिए कोशिश नहीं साजिश करनी पड़े.

ज्यादातर लोग उतने ही खुश रहते हैं जितना वो अपने दिमाग में तय कर लेते हैं

जो कभी उद्यंडका-सा वेष नहीं बनाता, दूसरों के सामने अपने पराक्रम की डींग नही हांकता, क्रोध से व्याकुल होने पर भी कटुवचन नहीं बोलता, उस मनुष्य को लोग सदा ही प्यारा बना लेते हैं।

लिबास कितना भी किमती हो घटीया किरदार को छुपा नहीं सकता

ऊँचा उठने के लिए पंखों की जरुरत केवल पक्षियों को ही पड़ती है.. मनुष्य तो जितना विनम्रता से झुकता है उतना ही ऊपर उठता है।।

अपने खराब मूड के समय बुरे शब्द ना बोलें, क्योंकि.. खराब मूड को बदलने के बहुत मौके मिलेंगें पर शब्दों को बदलने के मोके नहीं...मिलेंगे

काबिलियत इतनी बढ़ाओ की तुम्हे हराने के लिए कोशिश नहीं साजिश करनी पड़े.