जिस दिन आपने सोच लिया कि अपने ज्ञान पा लिया है, उस दिन आपकी मृत्यु हो जाती है क्योकि अब न कोई आश्चर्य होगा, ना कोई आनंद और ना कोई अचरज अब आप एक मृत जीवन जियेंगे

जिस दिन आपने सोच लिया कि अपने ज्ञान पा लिया है, उस दिन आपकी मृत्यु हो जाती है क्योकि अब न कोई आश्चर्य होगा, ना कोई आनंद और ना कोई अचरज अब आप एक मृत जीवन जियेंगे

ओशो
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यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा

आप अपनी जिंदगी में जिन लोगों को रखते है उन्हे बहुत ध्यान से चुनो

मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।

उस मंजिल को पाने के लिए ध्यान केंद्रित करो जिसे आप पाना चाहते हो न कि वर्तमान स्थितियों पर जिसमें आप जी रहे हो।

वक्त होता है बदलने के लिए, ठहरते तो बस लम्हे ही हैं ....!!

दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये

यहां हर किसी को दरारों में झांकने की आदत है दरवाजा खोल दो तो कोई पूछने भी नही आयेगा

आप अपनी जिंदगी में जिन लोगों को रखते है उन्हे बहुत ध्यान से चुनो

मंजिल चाहे कितनी भी ऊँची क्यों ना हो उसके रास्ते हमेशा पैरों के नीचे से ही जाते है।

उस मंजिल को पाने के लिए ध्यान केंद्रित करो जिसे आप पाना चाहते हो न कि वर्तमान स्थितियों पर जिसमें आप जी रहे हो।

वक्त होता है बदलने के लिए, ठहरते तो बस लम्हे ही हैं ....!!

दरिया बनकर किसी को ड़ुबाने से बेहतर है, जरिया बनकर किसी को बचाया जाये