निखरती है मुसीबतों से शख्शियत यारो..जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का
आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
इंसान की तरह बोलना न आये तो जानवर की तरह मौन रहना अच्छा है।
अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.
सुखी सिर्फ वहीं रह सकता है जो जान गया हो कि दुनिया में हर किसी के पास गम है
निखरती है मुसीबतों से शख्शियत यारो..जो चट्टान से ही ना उलझे वो झरना किस काम का
आपके पास जितना समय अभी है, उससे अधिक समय कभी नहीं होगा
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
इंसान की तरह बोलना न आये तो जानवर की तरह मौन रहना अच्छा है।
अपने आप को हर परिश्थिति में शांत रहने के लिए तैयार करे.
सुखी सिर्फ वहीं रह सकता है जो जान गया हो कि दुनिया में हर किसी के पास गम है