वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है
किस्मत करवाती है कटपुतली का खेल जनाब वरना, ज़िन्दगी के रंगमंच पर कोई भी कलाकार कमज़ोर नहीं होता!!
अभिमान नहीं होना चाहिए कि मुझे किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी, और यह वहम भी नहीं होना चाहिए कि सबको मेरी जरूरत पड़ेगी......!!
ये सोच है हम इसांनो की कि एक अकेला क्या कर सकता है पर देख जरा उस सूरज को वो अकेला ही तो चमकता है।
किसी का हाथ तभी पकड़ना जब आप हर मुसीबत में उसका साथ दे सको
ज़िन्दगी में जो भी करना है खुदा के भरोसे और अपने दम पर कीजिए, लोगों के भरोसे पर नहीं क्योंकि, लोग कंधो पर तब ही उठाते हैं जब मिट्टी में मिलाना हो।
वक्त, ख्वाहिशें और सपने हाथ में बंधी घड़ी की तरह होते हैं जिसे हम उतार कर रख भी दें तो भी चलती रहती है
किस्मत करवाती है कटपुतली का खेल जनाब वरना, ज़िन्दगी के रंगमंच पर कोई भी कलाकार कमज़ोर नहीं होता!!
अभिमान नहीं होना चाहिए कि मुझे किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी, और यह वहम भी नहीं होना चाहिए कि सबको मेरी जरूरत पड़ेगी......!!
ये सोच है हम इसांनो की कि एक अकेला क्या कर सकता है पर देख जरा उस सूरज को वो अकेला ही तो चमकता है।
किसी का हाथ तभी पकड़ना जब आप हर मुसीबत में उसका साथ दे सको
ज़िन्दगी में जो भी करना है खुदा के भरोसे और अपने दम पर कीजिए, लोगों के भरोसे पर नहीं क्योंकि, लोग कंधो पर तब ही उठाते हैं जब मिट्टी में मिलाना हो।