खुशियाँ चाहे किसीके साथ भी बाँट लो, लेकिन गम भरोसेमंद के साथ ही बाँटना चाहिए
मनुष्य जैसे लोगों के बीच उठता-बैठता है, जैसो की सेवा करता है तथा जैसा बनने की कमाना करता है, वैसा ही बन जाता है।
उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते
तू रख यकीन बस अपने इरादों पर, तेरी हार, तेरे हौसलों से तो बड़ी नहीं होगी ।
जो किसी दुर्बल का अपमान नहीं करता, सदा सावधान रहकर शत्रु से बुद्धि पूर्वक व्यवहार करता है, बलवानों के साथ युद्ध पसंद नहीं करता तथा समय आने पर पराक्रम दिखाता है, वही धीर है।
अगर आप जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं,तो दूसरे अपनी जिंदगी में क्या कर रहे हैं. इस बात से तबतक मतलब न रखें,जबतक दूसरों के कारण आपकी जिंदगी प्रभावित न हो.
खुशियाँ चाहे किसीके साथ भी बाँट लो, लेकिन गम भरोसेमंद के साथ ही बाँटना चाहिए
मनुष्य जैसे लोगों के बीच उठता-बैठता है, जैसो की सेवा करता है तथा जैसा बनने की कमाना करता है, वैसा ही बन जाता है।
उलझने मैंने कई झुक के भी सुलझायी है लोग सारे तो कद के बराबर नही होते
तू रख यकीन बस अपने इरादों पर, तेरी हार, तेरे हौसलों से तो बड़ी नहीं होगी ।
जो किसी दुर्बल का अपमान नहीं करता, सदा सावधान रहकर शत्रु से बुद्धि पूर्वक व्यवहार करता है, बलवानों के साथ युद्ध पसंद नहीं करता तथा समय आने पर पराक्रम दिखाता है, वही धीर है।
अगर आप जिंदगी में आगे बढ़ना चाहते हैं,तो दूसरे अपनी जिंदगी में क्या कर रहे हैं. इस बात से तबतक मतलब न रखें,जबतक दूसरों के कारण आपकी जिंदगी प्रभावित न हो.