तेरे बिना जीना बोहोत मुश्किल है ... और तुझे ये बताना और भी मुश्किल .
दिल तो करता हैं की रूठ जाऊँ कभी बच्चों की तरह फिर सोचता हूँ कि मनाएगा कौन….?
आज परछाई से पूछ ही लिया, क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा, और कौन है...तेरे साथ !!
एक ख़्वाब था की वह भी मुझे चाहे मेरी तरह पर ख़्वाब ही रह गया
कभी ये मत सोचना की याद नहीं करते, हम रात की आखिरी और सुबह की पहली सोच हो तुम
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना
तेरे बिना जीना बोहोत मुश्किल है ... और तुझे ये बताना और भी मुश्किल .
दिल तो करता हैं की रूठ जाऊँ कभी बच्चों की तरह फिर सोचता हूँ कि मनाएगा कौन….?
आज परछाई से पूछ ही लिया, क्यों चलते हो.. मेरे साथ..उसने भी हंसके कहा, और कौन है...तेरे साथ !!
एक ख़्वाब था की वह भी मुझे चाहे मेरी तरह पर ख़्वाब ही रह गया
कभी ये मत सोचना की याद नहीं करते, हम रात की आखिरी और सुबह की पहली सोच हो तुम
काश तू लौट आये और कहे बस बहुत हो गया अब नहीं रहा जाता तेरे बिना