ना हथियार से मिलती है, ना अधिकार से मिलती है, दिलो मैं जगह अपने व्यव्हार से मिलती है|

ना हथियार से मिलती है, ना अधिकार से मिलती है, दिलो मैं जगह अपने व्यव्हार से मिलती है|

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बीते कल का अफ़सोस और आने वाले कल की चिंता, ये दोनों ऐसे चोर है जो हमारे आज की खुशियाँ चुरा लेते है !!

उन्हें अपना बनाने की भूल कभी मत करना जो हमेशा अपनी ही दुनिया में व्यस्त रहते है।

हम तो आईना हैं और आईना ही रहेंगे, फ़िक्र वो करे जिनकी शक्लें ख़राब है।

जो व्यस्त ना हो, वो ही काम आते है व्यस्त रहने वाले खुदगर्ज ही रह जाते है

भले ही अपने विश्वास तोड़ दे पर देखने ये भी है हम कितने खरे उतरते है उनके विश्वास पर धोखे तो मिलते रहते है बात ये है हम कितने सुदृढ़ रहते हैं

भावनाओं में बहकर किसी के सामने अपनी कमजोरियाँ को बता देना सबसे बड़ी मुर्खता है.

बीते कल का अफ़सोस और आने वाले कल की चिंता, ये दोनों ऐसे चोर है जो हमारे आज की खुशियाँ चुरा लेते है !!

उन्हें अपना बनाने की भूल कभी मत करना जो हमेशा अपनी ही दुनिया में व्यस्त रहते है।

हम तो आईना हैं और आईना ही रहेंगे, फ़िक्र वो करे जिनकी शक्लें ख़राब है।

जो व्यस्त ना हो, वो ही काम आते है व्यस्त रहने वाले खुदगर्ज ही रह जाते है

भले ही अपने विश्वास तोड़ दे पर देखने ये भी है हम कितने खरे उतरते है उनके विश्वास पर धोखे तो मिलते रहते है बात ये है हम कितने सुदृढ़ रहते हैं

भावनाओं में बहकर किसी के सामने अपनी कमजोरियाँ को बता देना सबसे बड़ी मुर्खता है.