कभी तो ऐसी भी हवा चले कौन किसका है पता तो चले

कभी तो ऐसी भी हवा चले कौन किसका है पता तो चले

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"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "

नसीहत वो सच्ची बातें हैं, जिन्हें हम कभी ध्यान से नहीं सुनते। और … तारीफ वह धोखा है, जिसे हम पूरे ध्यान से सुनते हैं, और अपने आप पर झूठा घमंड करते हैं।

#तारीफ खुद की करना #फ़िज़ूल है, खुशबू बता देती# है कौन सा फूल है |

बुरे दिनो का एक अच्छा फायदा अच्छे-अच्छे दोस्त परखे जाते है।

जब टूटने लगे हौंसला तो बस ये याद रखना, बिना मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते, ढूढ़ लेना अंधेरे में ही मंजिल अपनी दोस्तों, क्योंकि जुगनू कभी रोशनी के मोहताज़ नहीं होते।

वक़्त की ताक़त तुम क्या समझोगे ये उसका भी हो जाता है जिसका कोई नहीं होता।

"ज़िन्दगी गुज़र जाती है ये ढूँढने में कि, ढूंढना क्या है अंत में तलाश सिमट जाती है इस सुकून में कि, जो मिला वो भी कहाँ साथ लेकर जाना है "

नसीहत वो सच्ची बातें हैं, जिन्हें हम कभी ध्यान से नहीं सुनते। और … तारीफ वह धोखा है, जिसे हम पूरे ध्यान से सुनते हैं, और अपने आप पर झूठा घमंड करते हैं।

#तारीफ खुद की करना #फ़िज़ूल है, खुशबू बता देती# है कौन सा फूल है |

बुरे दिनो का एक अच्छा फायदा अच्छे-अच्छे दोस्त परखे जाते है।

जब टूटने लगे हौंसला तो बस ये याद रखना, बिना मेहनत के हासिल तख़्त-ओ-ताज नहीं होते, ढूढ़ लेना अंधेरे में ही मंजिल अपनी दोस्तों, क्योंकि जुगनू कभी रोशनी के मोहताज़ नहीं होते।

वक़्त की ताक़त तुम क्या समझोगे ये उसका भी हो जाता है जिसका कोई नहीं होता।