सुख दुःख निभाना तो कोई फूलो से सीखे.. "बारात" हो या "जनाजा" साथ जरूर देते है

सुख दुःख निभाना तो कोई फूलो से सीखे.. "बारात" हो या "जनाजा" साथ जरूर देते है

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तुम मेरे प्यार की हद क्या जानोगे तुम्हें साँसो से अधिक प्रेम करते है हम ये बात तुम क्या मानोगे।

जब रात को मैंने आकाश की ओर देखा तो हर तारों मे सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता था और जब मैंने अपनी आँखे बंद की तो मेरे मन भी सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता था।

तुम्हारा गुस्सा इतना सुंदर है कि जी करता है तुम्हें बस तंग करता रहु।

होश मे रहने वालों तुम्हें क्या खबर बेखुदी क्या चीज है एकबार इश्क करके देखो फिर पता चलेगी मोहब्बत क्या चीज है।

सत्य ही प्रेम है और सत्य से जन्म लिया हुआ प्रेम ही सच्चा प्यार है।

ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||

तुम मेरे प्यार की हद क्या जानोगे तुम्हें साँसो से अधिक प्रेम करते है हम ये बात तुम क्या मानोगे।

जब रात को मैंने आकाश की ओर देखा तो हर तारों मे सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता था और जब मैंने अपनी आँखे बंद की तो मेरे मन भी सिर्फ तुम्हारा ही चेहरा नजर आता था।

तुम्हारा गुस्सा इतना सुंदर है कि जी करता है तुम्हें बस तंग करता रहु।

होश मे रहने वालों तुम्हें क्या खबर बेखुदी क्या चीज है एकबार इश्क करके देखो फिर पता चलेगी मोहब्बत क्या चीज है।

सत्य ही प्रेम है और सत्य से जन्म लिया हुआ प्रेम ही सच्चा प्यार है।

ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||