सुख दुःख निभाना तो कोई फूलो से सीखे.. "बारात" हो या "जनाजा" साथ जरूर देते है

सुख दुःख निभाना तो कोई फूलो से सीखे.. "बारात" हो या "जनाजा" साथ जरूर देते है

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ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||

क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।

झुठा प्यार तुम्हें खाता है और सच्चा प्यार तुम्हारा ख्याल रखता है।

सच्चा प्यार करने वाले ही अक्सर प्यार मे हार जाते है।

होश मे रहने वालों तुम्हें क्या खबर बेखुदी क्या चीज है एकबार इश्क करके देखो फिर पता चलेगी मोहब्बत क्या चीज है।

सच्चा प्यार love you, see you कभी नहीं बोलता सच्चा प्यार तो अपना कर्तव्य निभाता है।

ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||

क्या तुम्हें मालूम है ? ये आईने तुम्हें कम क्यू पसंद करते है क्योंकि उन्हे मालूम है तुम्हें सिर्फ हम पसंद करते है।

झुठा प्यार तुम्हें खाता है और सच्चा प्यार तुम्हारा ख्याल रखता है।

सच्चा प्यार करने वाले ही अक्सर प्यार मे हार जाते है।

होश मे रहने वालों तुम्हें क्या खबर बेखुदी क्या चीज है एकबार इश्क करके देखो फिर पता चलेगी मोहब्बत क्या चीज है।

सच्चा प्यार love you, see you कभी नहीं बोलता सच्चा प्यार तो अपना कर्तव्य निभाता है।