बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है
उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं तेरे दिल मे हूँ पर तेरे पास नहीं वैसे तो सब कुछ आ मेरे पास पर तेरे जैसा कोई खास नहीं
नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.
बात वफाओं की होती तो कभी न हारते, बात नीसब की थी, कुछ ना कर सके |
अजीब दस्तूर है, मोहब्बत का, रूठ कोई जाता है, टूट कोई जाता है
उदास हूँ पर तुझसे नाराज़ नहीं तेरे दिल मे हूँ पर तेरे पास नहीं वैसे तो सब कुछ आ मेरे पास पर तेरे जैसा कोई खास नहीं
नसीहत अच्छी देती है दुनिया अगर दर्द किसी ग़ैर का हो
नाकाम मोहबत्त भी बड़े काम की होती है, दिल मिले ना मिले इलज़ाम जरुर मिल जाता है।।
कोई हमारा भी था, कल की ही बात है.