जिनमें अकेले चलने का हौसला होता है एक दिन उन लोगो को के पीछे दुनिया चलती है

जिनमें अकेले चलने का हौसला होता है एक दिन उन लोगो को के पीछे दुनिया चलती है

Share:

More Like This

जो कर्म करने के बाद भी फल की इच्छा नही करता उसकी मदद करने के लिए तो खुद भगवान को रास्ता बनाना पड़ता है

काश ! कि मैंने उस चीज को पाने की कभी तमन्ना ना की होती जिंदगी में, जिसे पाने की ना औकात है मेरी , ना तकदीर से हकदार हूँ मैं उस चीज का....

"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"

जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।

डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम

दूसरों की गलती से भी सीखा करो खुद की गलती से सीखने चलोगे तो सफलता जल्दी नहीं मिलेगी

मुर्ख की यह प्रव्रत्ति है कि वह सदैव उन लोगों का अपमान करता है जो विद्या, शील, आयु। बुद्धि, धन और कुल में श्रेष्ट हैं तथा माननीय हैं।

जो कर्म करने के बाद भी फल की इच्छा नही करता उसकी मदद करने के लिए तो खुद भगवान को रास्ता बनाना पड़ता है

काश ! कि मैंने उस चीज को पाने की कभी तमन्ना ना की होती जिंदगी में, जिसे पाने की ना औकात है मेरी , ना तकदीर से हकदार हूँ मैं उस चीज का....

"बहुत ही आसान है, ज़मीं पर मकान बना लेना... दिल में जगह बनाने में ज़िन्दगी गुज़र जाती है..!!!"

जिदंगी मे कभी भी किसी को बेकार मत समझना,क्योक़ि बंद पडी घडी भी दिन में दो बार सही समय बताती है।

डॉ० एपीजे अब्दुल कलाम

दूसरों की गलती से भी सीखा करो खुद की गलती से सीखने चलोगे तो सफलता जल्दी नहीं मिलेगी

मुर्ख की यह प्रव्रत्ति है कि वह सदैव उन लोगों का अपमान करता है जो विद्या, शील, आयु। बुद्धि, धन और कुल में श्रेष्ट हैं तथा माननीय हैं।