हर पतंग को एक दिन कचरे के डिब्बे मैं जाना होता है लेकिन उससे पहले एक दिन आसमान छू कर दिखाना होता है|

हर पतंग को एक दिन कचरे के डिब्बे मैं जाना होता है लेकिन उससे पहले एक दिन आसमान छू कर दिखाना होता है|

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अपनी "आदतों" के अनुसार चलने में इतनी "गलतियां" नहीं होती जितना "दुनिया" का ख्याल और "लिहाज़" रखकर चलने में होती है।

कल के लिए सबसे अच्छी तैयारी यही है कि आज अच्छा करो

किसी को मनाने से पहले यह ज़रूर जान लेना कि वो तुमसे नाराज़ है कि ....परेशान....

किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होता है। संसार में पानी से सरल कुछ भी नहीं है, किन्तु उसका बहाव बड़ी से बड़ी चट्टान के भी टुकड़े कर देता है

जी लो हर लम्हा बीत जाने से पहले लौट कर सिर्फ यादें आती हैं वक़त नहीं

एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।

अपनी "आदतों" के अनुसार चलने में इतनी "गलतियां" नहीं होती जितना "दुनिया" का ख्याल और "लिहाज़" रखकर चलने में होती है।

कल के लिए सबसे अच्छी तैयारी यही है कि आज अच्छा करो

किसी को मनाने से पहले यह ज़रूर जान लेना कि वो तुमसे नाराज़ है कि ....परेशान....

किसी का सरल स्वभाव उसकी कमजोरी नहीं होता है। संसार में पानी से सरल कुछ भी नहीं है, किन्तु उसका बहाव बड़ी से बड़ी चट्टान के भी टुकड़े कर देता है

जी लो हर लम्हा बीत जाने से पहले लौट कर सिर्फ यादें आती हैं वक़त नहीं

एक रंग रिश्तों पर ऐसा लगाए भीगे हर शब्द पर अर्थ बहने न पाए ।