वो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से, वो क्या अफसोस करेगा मेरे ना होने से
सब समेट कर बढ़ते रहना ..नदियों तुमसे सीख न पाया !
माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं
कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां, ना नफरत की वजह मिल रही है ना मोहब्बत का सिला.
कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .
उस हस्ती तस्वीर को क्या मालूम, उसे देखकर कितना रोया जाता है
वो कभी डरा ही नहीं मुझे खोने से, वो क्या अफसोस करेगा मेरे ना होने से
सब समेट कर बढ़ते रहना ..नदियों तुमसे सीख न पाया !
माफ़ी गलती की होती है, ज़िंदा लाश बनाने की नहीं
कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियां, ना नफरत की वजह मिल रही है ना मोहब्बत का सिला.
कभी कभी हम किसी के लिए उतना जरूरी भी नहीं होते जितना हम सोच लेते है .
उस हस्ती तस्वीर को क्या मालूम, उसे देखकर कितना रोया जाता है