वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !

वो मेरी मोहब्बत है, और मैं सिर्फ उसकी एक आदत !

Share:

More Like This

कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |

ना शाख़ों ने जगह दी ना हवाओ ने बक़शा, वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता…..!!

ऐ दिल तू क्यों रोता है, ये दुनिया है यहाँ ऐसा ही होता है.

जितना मुश्किल किसी को पाना होता है.... उससे ज़्यादा मुश्किल उसे भुलाना होता है....

मिला क्या हमें सारी उम्र मोहब्बत करके, बस एक शायरी का हुनर, एक रातों का जागना..

इश्क़ में इतनी बेपरवाहियाँ भी ठीक नही हैं, बात हम नही करते ...तो तकल्लुफ तुम भी नही करते...!!

कभी कभी नाराज़गी दूसरों से ज्यादा खुद से होती है |

ना शाख़ों ने जगह दी ना हवाओ ने बक़शा, वो पत्ता आवारा ना बनता तो क्या करता…..!!

ऐ दिल तू क्यों रोता है, ये दुनिया है यहाँ ऐसा ही होता है.

जितना मुश्किल किसी को पाना होता है.... उससे ज़्यादा मुश्किल उसे भुलाना होता है....

मिला क्या हमें सारी उम्र मोहब्बत करके, बस एक शायरी का हुनर, एक रातों का जागना..

इश्क़ में इतनी बेपरवाहियाँ भी ठीक नही हैं, बात हम नही करते ...तो तकल्लुफ तुम भी नही करते...!!