यदि आप अमीर होने की अनुभूति चाहते हैं तो उन वस्तुओं पर विचार करें जो जिन्हें पैसे से नहीं खरीदा जा सकता है
हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए
रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,
कोई जाति नीच नही होती लेकिन नीच आदमी हर जाति में होता है
अगर पहले हम ये जन लें की हम कहाँ पर हैं और हम किस दिशा में जा रहे हैं, तो हमें क्या और कैसे करना चाहिए इसका बेहतर निर्णय कर सकते हैं
किसी के लिए समर्पण करना, मुश्किल नहीं है मुश्किल है उस व्यक्ति को ढूंढना जो आप के समर्पण की कद्र करे
यदि आप अमीर होने की अनुभूति चाहते हैं तो उन वस्तुओं पर विचार करें जो जिन्हें पैसे से नहीं खरीदा जा सकता है
हमें किसी भी ख़ास समय के लिए इन्तजार नहीं करना चाहिए बल्कि अपने हर समय को ख़ास बनाने की पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए
रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा, प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा,
कोई जाति नीच नही होती लेकिन नीच आदमी हर जाति में होता है
अगर पहले हम ये जन लें की हम कहाँ पर हैं और हम किस दिशा में जा रहे हैं, तो हमें क्या और कैसे करना चाहिए इसका बेहतर निर्णय कर सकते हैं
किसी के लिए समर्पण करना, मुश्किल नहीं है मुश्किल है उस व्यक्ति को ढूंढना जो आप के समर्पण की कद्र करे