नौ महीने छोड़ो तुम सिर्फ नौ घंटे ही पांच किलो का पत्थर पेट भर बांधकर देखो पता चल जायेगा की माँ क्या होती है

नौ महीने छोड़ो तुम सिर्फ नौ घंटे ही पांच किलो का पत्थर पेट भर बांधकर देखो पता चल जायेगा की माँ क्या होती है

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अगर प्यार ज़िंदगी है तो सच्चा प्यार ज़िंदगी को सवारना भी जानता है।

तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार करता हु मै तो सिर्फ तुम्हें प्यार करता हु।

प्यार किया नहीं जाता प्यार तो बस हो जाता है।

सत्य ही प्रेम है और सत्य से जन्म लिया हुआ प्रेम ही सच्चा प्यार है।

तुम कितनी भी दूर क्यू न हो तुम तो हमेशा मेरे दिल के पास हो।

ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||

अगर प्यार ज़िंदगी है तो सच्चा प्यार ज़िंदगी को सवारना भी जानता है।

तेरी उम्मीद तेरा इंतज़ार करता हु मै तो सिर्फ तुम्हें प्यार करता हु।

प्यार किया नहीं जाता प्यार तो बस हो जाता है।

सत्य ही प्रेम है और सत्य से जन्म लिया हुआ प्रेम ही सच्चा प्यार है।

तुम कितनी भी दूर क्यू न हो तुम तो हमेशा मेरे दिल के पास हो।

ना कोई मेरा, ना मैं किसी और का, अपनी माँ की जान हूँ, शुक्र है भगवान का ||