उस मनुष्य की ताकत का कोई मुकाबला नही कर सकता जिसके पास सब्र की ताकत है
मुस्कुराने की आदत डालो क्यों की रुलाने वालो की कमी नहीं हैं..
पूरे की ख्वाहिश में इंसान बहुत कुछ खोता है भूल जाता है की आधा चांद भी खूबसूरत होता है
मुर्ख की यह प्रव्रत्ति है कि वह सदैव उन लोगों का अपमान करता है जो विद्या, शील, आयु। बुद्धि, धन और कुल में श्रेष्ट हैं तथा माननीय हैं।
हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया मे हमशे भी ज्यादा परेशान ओर भी लोग है
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है
उस मनुष्य की ताकत का कोई मुकाबला नही कर सकता जिसके पास सब्र की ताकत है
मुस्कुराने की आदत डालो क्यों की रुलाने वालो की कमी नहीं हैं..
पूरे की ख्वाहिश में इंसान बहुत कुछ खोता है भूल जाता है की आधा चांद भी खूबसूरत होता है
मुर्ख की यह प्रव्रत्ति है कि वह सदैव उन लोगों का अपमान करता है जो विद्या, शील, आयु। बुद्धि, धन और कुल में श्रेष्ट हैं तथा माननीय हैं।
हमेशा खुश रहा करो ये सोच कर की दुनिया मे हमशे भी ज्यादा परेशान ओर भी लोग है
प्रत्येक अवसर के लिए तैयार रहना ही सफलता है