सुप्रभात चलने की कोशिश तो करो दिशाए बहुत है, रास्ते पर बिखरे काटों से मत डरो तुम्हारे साथ दुआए बहुत है|

सुप्रभात चलने की कोशिश तो करो दिशाए बहुत है, रास्ते पर बिखरे काटों से मत डरो तुम्हारे साथ दुआए बहुत है|

Share:

More Like This

जिन लोगो को 1 लाख की घड़ी और 100 रुपए की घड़ी में फर्क नजर नही आता उन लोगो से दूर ही रहो तो बेहतर है ये आपकी सोच खत्म कर देंगे

इंसान कहता हैं कि पैसा आये तो मैं कुछ कर के दिखाऊ और पैसा कहता हैं कि तू कुछ कर तो मैं आऊं.

दिन में दीपक जलना, समुद्र में वर्षा, भरे पेट के लिए भोजन और धनवान को दान देना व्यर्थ है.

जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....

आँखे भी खोलनी पड़ती है उजाले के लिए, केवल सूरज के निकलने से ही अँधेरा नही जाता

सिंह से हमें ये सीखना चाहिए कि काम छोटा हो या बड़ा पूरी शक्ति से करे. जिस प्रकार सिंह शिकार छोटा हो या बड़ा वह अपनी पूरी शक्ति से झपटता है.

जिन लोगो को 1 लाख की घड़ी और 100 रुपए की घड़ी में फर्क नजर नही आता उन लोगो से दूर ही रहो तो बेहतर है ये आपकी सोच खत्म कर देंगे

इंसान कहता हैं कि पैसा आये तो मैं कुछ कर के दिखाऊ और पैसा कहता हैं कि तू कुछ कर तो मैं आऊं.

दिन में दीपक जलना, समुद्र में वर्षा, भरे पेट के लिए भोजन और धनवान को दान देना व्यर्थ है.

जिसने खर्च कम करने की बात सोची समझ लो उसने कमाने की अकल खो दी....

आँखे भी खोलनी पड़ती है उजाले के लिए, केवल सूरज के निकलने से ही अँधेरा नही जाता

सिंह से हमें ये सीखना चाहिए कि काम छोटा हो या बड़ा पूरी शक्ति से करे. जिस प्रकार सिंह शिकार छोटा हो या बड़ा वह अपनी पूरी शक्ति से झपटता है.