सुप्रभात चलने की कोशिश तो करो दिशाए बहुत है, रास्ते पर बिखरे काटों से मत डरो तुम्हारे साथ दुआए बहुत है|

सुप्रभात चलने की कोशिश तो करो दिशाए बहुत है, रास्ते पर बिखरे काटों से मत डरो तुम्हारे साथ दुआए बहुत है|

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अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.

जीवन मे धोखा खाना भी बहुत जरूरी है क्योंकि चलना माँ-बाप सिखा देते है लेकिन संभलना खुद ही सीखना पड़ता है

अपनी अच्छाई पर इतना भरोसा रखिए कि जो भी आपको खोएगा यकीनन वो रोएगा ।

जिंदगी में कुछ फैसले बहुत सख्त होते है और यही फैसले जिंदगी का रुख बदल देते है.

कोई जाति नीच नही होती लेकिन नीच आदमी हर जाति में होता है

इंसान सफल तब होता है जब वो दुनिया को नही बल्कि खुद को बदलना शुरू कर देता है।

अक्सर अकेलेपन से जो गुजरता हैं वही ज़िंदगी में सही फैसलों को चुनता हैं.

जीवन मे धोखा खाना भी बहुत जरूरी है क्योंकि चलना माँ-बाप सिखा देते है लेकिन संभलना खुद ही सीखना पड़ता है

अपनी अच्छाई पर इतना भरोसा रखिए कि जो भी आपको खोएगा यकीनन वो रोएगा ।

जिंदगी में कुछ फैसले बहुत सख्त होते है और यही फैसले जिंदगी का रुख बदल देते है.

कोई जाति नीच नही होती लेकिन नीच आदमी हर जाति में होता है

इंसान सफल तब होता है जब वो दुनिया को नही बल्कि खुद को बदलना शुरू कर देता है।