जीवन के प्रति जिस व्यक्ति के पास सबसे कम_शिकायतें हैं वही सबसे अधिक सुखी है
जो अपना आदर-सम्मान होने पर ख़ुशी से फूल नहीं उठता, और अनादर होने पर क्रोधित नहीं होता तथा गंगाजी के कुण्ड के समान जिसका मन अशांत नहीं होता, वह ज्ञानी कहलाता है।।
उस व्यक्ति के लिए सभी परिस्थितियां अच्छी हैं जो अपने भीतर खुशी संजो कर रखता है
तब तक लड़ना मत छोड़ो जब तक अपनी तय की हुई जगह पर पहुंच ना जाओ
मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।
अगर आपके बड़े सपने हैं तो उन्हें नकारात्मक लोगों से बचाए।
जीवन के प्रति जिस व्यक्ति के पास सबसे कम_शिकायतें हैं वही सबसे अधिक सुखी है
जो अपना आदर-सम्मान होने पर ख़ुशी से फूल नहीं उठता, और अनादर होने पर क्रोधित नहीं होता तथा गंगाजी के कुण्ड के समान जिसका मन अशांत नहीं होता, वह ज्ञानी कहलाता है।।
उस व्यक्ति के लिए सभी परिस्थितियां अच्छी हैं जो अपने भीतर खुशी संजो कर रखता है
तब तक लड़ना मत छोड़ो जब तक अपनी तय की हुई जगह पर पहुंच ना जाओ
मनुष्य की वाणी ही विष और अमृत की खान है।
अगर आपके बड़े सपने हैं तो उन्हें नकारात्मक लोगों से बचाए।