सुप्रभात चलने की कोशिश तो करो दिशाए बहुत है, रास्ते पर बिखरे काटों से मत डरो तुम्हारे साथ दुआए बहुत है|

सुप्रभात चलने की कोशिश तो करो दिशाए बहुत है, रास्ते पर बिखरे काटों से मत डरो तुम्हारे साथ दुआए बहुत है|

Share:

More Like This

कपड़े और चेहरे अक्सर जुठ बोलते है इंसान की असलियत तो वक़्त ही बताता है

भीड़ में सभी लोग अच्छे नहीं होते और अच्छे लोगों की कभी भीड़ नहीं होती

तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो

दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।

इस संसार में अनेक लोग योग्यताओं का पिटारा लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि वे किसी प्लेटफार्म की नहीं बल्कि धन की तलाश कर रहे हैं।

समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए

कपड़े और चेहरे अक्सर जुठ बोलते है इंसान की असलियत तो वक़्त ही बताता है

भीड़ में सभी लोग अच्छे नहीं होते और अच्छे लोगों की कभी भीड़ नहीं होती

तकलीफ हमेशा उन्हें बताओ जो समझने के काबिल हो

दुष्ट की मित्रता से शत्रु की मित्रता अच्छी होती है।

इस संसार में अनेक लोग योग्यताओं का पिटारा लेकर घूम रहे हैं, लेकिन उनका लाभ नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि वे किसी प्लेटफार्म की नहीं बल्कि धन की तलाश कर रहे हैं।

समय और भाग्य दोनों ही परिवर्तनशील है इन पर किसी को अहंकार नही करना चाहिए